Budget 2026

IPL Earnings: BCCI ने एक साल में कमाए 1000 करोड़, बोर्ड के लिए IPL बना सोने की चिड़िया, कमाए 5761 करोड़ रुपये

IPL Earnings: BCCI ने वित्त वर्ष 2023-24 में ₹9,741.7 करोड़ की कमाई की, जिसमें अकेले IPL से ₹5,761 करोड़ का योगदान रहा. गैर-IPL कमाई ₹361 करोड़ रही. बोर्ड के पास ₹30,000 करोड़ का रिजर्व है और उसकी वार्षिक कमाई में 10-12% की संभावित वृद्धि है.

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Km Jaya

IPL Earnings: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने वित्त वर्ष 2023-24 में कुल ₹9,741.7 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है, जिसमें से अकेले इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL से ₹5,761 करोड़ यानी कुल कमाई का 59 प्रतिशत हिस्सा आया. यह जानकारी 'द हिंदू बिजनेस लाइन' में प्रकाशित रिपोर्ट में दी गई है, जिसमें Rediffusion की ओर से तैयार विश्लेषण का हवाला दिया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IPL की शुरुआत 2007 में हुई थी और यह आज न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की सबसे लोकप्रिय और कमाई करने वाली T20 लीग बन चुकी है. लीग में 10 फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेती हैं और इसमें भारत समेत दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी शामिल होते हैं. IPL की बढ़ती लोकप्रियता ने BCCI की वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत कर दिया है.

IPL कमाई में इजाफा

Rediffusion के प्रमुख संदीप गोयल ने कहा कि BCCI ने अभी तक अपनी पूरी कमाई की क्षमता का दोहन नहीं किया है. उन्होंने बताया कि रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और सीके नायडू ट्रॉफी जैसे पारंपरिक घरेलू टूर्नामेंटों को व्यावसायिक रूप से विकसित कर गैर-IPL कमाई में इजाफा किया जा सकता है.

सालाना कमाई में वृद्धि होने की संभावना 

रिपोर्ट के अनुसार, BCCI को ₹361 करोड़ की कमाई गैर-IPL मीडिया राइट्स से हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के प्रसारण अधिकार शामिल हैं. इसके अलावा, बोर्ड के पास लगभग ₹30,000 करोड़ का रिजर्व फंड है, जिससे सालाना ₹1,000 करोड़ ब्याज के रूप में मिलता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, बोर्ड की सालाना कमाई में अगले कुछ वर्षों में 10-12% की वृद्धि होने की संभावना है.

राइट्स की कीमत में इजाफा

स्वतंत्र निदेशक और बिजनेस रणनीतिकार लॉयड मैथियास ने कहा, “BCCI ने IPL के रूप में 2007 में एक ‘गोल्डन गूज’ खोजी थी. यह लीग पूरी तरह से BCCI के नियंत्रण में है और इसकी मीडिया राइट्स की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है.” रिपोर्ट यह भी कहती है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) तक अब BCCI पर निर्भर हो गई है, क्योंकि वह अपनी आय के स्रोतों को अपेक्षित रूप से विकसित नहीं कर पा रही है.