उम्र में फर्जीवाडा पड़ा भारी, BCCI ने India U19 के रोहित यादव समेत 65 खिलाड़ियों पर कसा शिकंजा

BCCI ने उम्र में गड़बड़ी के मामले में भारत U19 के लेग स्पिनर रोहित यादव पर दो साल का प्रतिबंध लगाया है. जांच में उनकी उम्र से जुडे दस्तावेजों में 27 महीने का अंतर पाया गया.

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Km Jaya

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में उम्र से जुडे फर्जीवाडे के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है. BCCI ने भारत की अंडर-19 टीम के लेग स्पिनर रोहित यादव पर उम्र में गड़बड़ी के मामले में दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है. रोहित हाल ही में जुलाई में श्रीलंका दौरे पर गई भारत U19 टीम का हिस्सा थे. अब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज से बाहर कर दिया गया है.

उम्र में गड़बड़ी का मामला क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल यानी CAB की ओर से किए गए प्री सीजन दस्तावेज जांच अभियान के दौरान सामने आया. जांच में रोहित यादव की उम्र से जुडे दस्तावेजों में 27 महीने का अंतर पाया गया. इसके बाद BCCI ने उन पर तत्काल प्रभाव से दो साल का प्रतिबंध लगा दिया. 

सभी राज्य क्रिकेट संघों को दी गई जानकारी

BCCI से जुडे सभी राज्य क्रिकेट संघों को भी इस फैसले की जानकारी दे दी गई है. भारत U19 टीम को सितंबर के अंत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच वनडे और तीन मल्टी डे मुकाबले खेलने हैं. रोहित यादव को इन मुकाबलों के लिए टीम से हटा दिया गया है. रोहित घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.


CAB ने 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी की कार्रवाई

उम्र में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई केवल रोहित यादव तक सीमित नहीं रही. CAB ने इसी तरह के मामलों में 64 अन्य क्रिकेटरों को भी प्रतिबंधित किया है. इनमें भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे तेज गेंदबाज रवि कुमार का नाम भी शामिल है.

रवि कुमार ने 2022 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के लिए खेला था. इसी साल उन्होंने बंगाल की सीनियर टीम में भी डेब्यू किया था. हालांकि उन्होंने 2023 के बाद कोई मुकाबला नहीं खेला है. रिपोर्ट के अनुसार उनकी उम्र से जुडी विसंगति 40 महीने तक की बताई गई है.

कार्रवाई के तहत रवि कुमार के डेब्यू से लेकर 2025-26 सीजन तक के सभी रिकॉर्ड अमान्य करार दिए गए हैं. उम्र से जुडे दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद उनके घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड पर भी इसका असर पड़ा है.

उम्र में फर्जीवाडे पर BCCI सख्त

BCCI पिछले कई वर्षों से क्रिकेट में उम्र छिपाने या गलत दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामलों पर रोक लगाने की कोशिश कर रहा है. साल 2020 में बोर्ड ने उम्र संबंधी गड़बड़ी को सामने लाने के लिए एमनेस्टी स्कीम भी शुरू की थी.

इस व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को अपनी उम्र से जुडी गलती खुद सामने लाने का मौका दिया गया था. जो खिलाड़ी खुद जानकारी देते थे, उन्हें कुछ परिस्थितियों में निलंबन से बचने का अवसर मिल सकता था. वहीं जांच में उम्र संबंधी गड़बड़ी पकडे जाने पर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया था.

अब अंडर-19 स्तर पर उम्र सत्यापन प्रक्रिया को भी अधिक सख्त किया गया है. खिलाड़ियों को जन्म प्रमाण पत्र के साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र समेत उपलब्ध दस्तावेज जमा करने होते हैं. BCCI और राज्य क्रिकेट संघों की इस सख्ती का उद्देश्य कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए बने क्रिकेट के अवसरों में उम्र संबंधी फर्जीवाडे को रोकना है.