'देश के सम्मान से समझौता नहीं...', बांग्लादेश की लेटर पॉलिटिक्स; विवाद का कैसे होगा समाधान?
आसिफ नजरुल ने कहा कि आईसीसी की ओर से जो पत्र भेजा गया है, उसमें सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं को ठीक से नहीं समझा गया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह मामला केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें देश के सम्मान का सवाल भी जुड़ा हुआ है.
नई दिल्ली: भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी BCB ने साफ कर दिया है कि वह अपने फैसले से पीछे हटने वाला नहीं है. बोर्ड का कहना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और देश की गरिमा उसके लिए सबसे ऊपर है और इन्हीं वजहों से वह भारत में टूर्नामेंट खेलने को तैयार नहीं है. दूसरी ओर, आईसीसी ने मैचों के स्थान बदलने की मांग को खारिज कर दिया है, जिससे मामला और उलझ गया है.
बांग्लादेश के रुख में बदलाव नहीं
बुधवार शाम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के युवा और खेल मामलों के सलाहकार आसिफ नजरुल के साथ BCB की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में भी वही रुख दोहराया गया. बैठक के बाद आसिफ नजरुल ने कहा कि बांग्लादेश वर्ल्ड कप खेलना चाहता है, लेकिन वह किसी भी हाल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और देश के सम्मान से समझौता नहीं करेगा. उनके मुताबिक, यह सिर्फ खेल का मुद्दा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला भी है.
'गंभीर चिंताओं को ठीक से नहीं समझा गया'
आसिफ नजरुल ने यह भी कहा कि आईसीसी की ओर से जो पत्र भेजा गया है, उसमें सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं को ठीक से नहीं समझा गया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह मामला केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें देश के सम्मान का सवाल भी जुड़ा हुआ है. उनका मानना है कि बांग्लादेश की चिंताओं को हल्के में लिया जा रहा है.
आईसीसी को एक और पत्र भेजने की तैयारी
बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने जानकारी दी कि बोर्ड आईसीसी को एक और पत्र भेजने की तैयारी में है. यह पत्र आज या कल भेजा जा सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी ने पहले ही बांग्लादेश की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें मैचों को किसी दूसरे देश में कराने की बात कही गई थी. आईसीसी का कहना है कि भारत में फिलहाल ऐसा कोई ठोस सुरक्षा खतरा नहीं है, जिसके आधार पर टूर्नामेंट का स्थान बदला जाए.
'देश की गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ा सवाल'
बीसीबी को आईसीसी से जो पत्र मिला है, उस पर भी बोर्ड संतुष्ट नहीं है. आसिफ नजरुल का कहना है कि आईसीसी शायद भारत में मौजूदा हालात और संभावित जोखिमों को सही तरह से समझ नहीं पाई है. उन्होंने दोहराया कि यह सिर्फ खिलाड़ियों की सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ा सवाल है.
विवाद का समाधान कैसे निकलेगा?
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपने फैसले पर कायम है और साफ कर चुका है कि वह सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान से समझौता नहीं करेगा.अब सभी की नजरें आईसीसी और बांग्लादेश के अगले कदम पर टिकी हुई हैं, जिससे यह साफ हो सके कि इस विवाद का समाधान कैसे निकलेगा.
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