बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन टेस्ट में नौ विकेट से हार ऑस्ट्रेलिया के लिए पहले ही बड़ा झटका थी, अब टीम पर एक और संकट मंडरा रहा है. तीसरे दिन निर्धारित समय में ऑस्ट्रेलिया सिर्फ 86 ओवर करा सका, जबकि सामान्य तौर पर 90 ओवर पूरे करने होते हैं. चार ओवर की कमी के कारण ICC के नियमों के तहत कार्रवाई संभव है. इसमें खिलाड़ियों की मैच फीस पर जुर्माना लगाने के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अंक काटे जाने का खतरा भी है.
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के तीसरे दिन 86 ओवर ही पूरे किए. निर्धारित लक्ष्य से चार ओवर पीछे रहने के कारण अब मैच रेफरी मामले का आकलन करेंगे. हालांकि, चौथे दिन मुकाबला चायकाल से पहले समाप्त हो गया था, लेकिन इससे तीसरे दिन की कमी अपने आप खत्म नहीं होती. अंतिम फैसला परिस्थितियों और खेल में हुई देरी को देखने के बाद लिया जाएगा.
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चिंता विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के अंक गंवाने की है. टीम फिलहाल 84 अंकों और 77.78 प्रतिशत अंक के साथ शीर्ष पर है. यदि चार अंक काटे गए तो उसके अंक 80 रह जाएंगे. हालांकि कितने अंक काटे जाएंगे, यह अभी तय नहीं है. पिछले चक्र में भी धीमी गेंदबाजी गति के कारण ऑस्ट्रेलिया के चार अंक काटे गए थे.
धीमे ओवर रेट का असर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की जेब पर भी पड़ सकता है. नियमों के अनुसार तय ओवर रेट से हर ओवर पीछे रहने पर मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जा सकता है. चार ओवर की कमी पर अधिकतम 20 प्रतिशत जुर्माने की स्थिति बन सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक एक खिलाड़ी की टेस्ट फीस करीब 20 हजार डॉलर है, ऐसे में प्रति खिलाड़ी लगभग 4 हजार डॉलर का नुकसान संभव है.
मामले में डार्विन का मौसम भी अहम हो सकता है. मुकाबले के दौरान गर्मी और उमस काफी अधिक थी, इसलिए मैच रेफरी इन परिस्थितियों को अपने आकलन में शामिल कर सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज साइमन कैटिच ने भी मैच के दौरान धीमे ओवर रेट पर नाराजगी जताई थी. उनका मानना था कि मौजूदा क्रिकेट में ओवर पूरे करने की रफ्तार चिंता का विषय बन गई है.
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी सजा की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. मैच रेफरी उपलब्ध समय, मौसम और अन्य परिस्थितियों की समीक्षा के बाद फैसला करेंगे. बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू मैदान पर पहली टेस्ट हार के बाद ऑस्ट्रेलिया पहले ही दबाव में है. ऐसे में अगर अंक या जुर्माने की कार्रवाई होती है, तो टीम की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की स्थिति पर भी इसका असर पड़ सकता है.