स्टीव स्मिथ ने सिडनी में शतक जड़कर बनाया खास रिकॉर्ड, अब सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से हैं पीछे

इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में खेले जा रहे पांचवें टेस्ट मैच में स्टीव स्मिथ ने कमाल की बल्लेबाजी की है. उन्होंने शतक लगाकर एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.

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Praveen Kumar Mishra

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने सिडनी टेस्ट में एक और शानदार पारी खेलते हुए क्रिकेट इतिहास में अपना नाम और ऊंचा कर लिया. इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के इस मुकाबले में स्मिथ ने शतक लगाकर एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया और अब वह इस प्रतिष्ठित सीरीज में सिर्फ महान डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं.

सिडनी टेस्ट में लगाया गया यह शतक एशेज में स्टीव स्मिथ का 13वां शतक था. इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जैक हॉब्स को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम एशेज में 12 शतक थे. अब स्मिथ एशेज इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. इस सूची में उनसे आगे केवल डॉन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 19 शतक लगाए थे.

दबाव में दिखाई स्मिथ की क्लास

इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं थी, जब स्मिथ बल्लेबाजी करने उतरे. टीम का स्कोर 234 रन पर तीन विकेट था. ऐसे समय में उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और बेहद संयम के साथ बल्लेबाजी की. मध्यक्रम में उतरकर उन्होंने रन गति को संभाले रखा और विकेट गिरने नहीं दिए.

धैर्य और तकनीक का बेहतरीन उदाहरण

स्टीव स्मिथ ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद सावधानी से की. उन्होंने 95 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और लगातार स्ट्राइक रोटेट करते रहे. दूसरे सत्र के बाद तीसरे सत्र में उन्होंने अपने खेल को और मजबूत किया और 166 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. शतक पूरा करते समय सिडनी के दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत किया.

टेस्ट क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल

यह स्मिथ का टेस्ट क्रिकेट में 37वां शतक था. इस आंकड़े के साथ वह सचिन तेंदुलकर, जैक कैलिस, रिकी पोंटिंग, जो रूट और कुमार संगकारा जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं. यह उपलब्धि उनके लंबे और सफल करियर की गवाही देती है.

ऑस्ट्रेलिया की स्थिति हुई मजबूत

स्टीव स्मिथ की इस शानदार पारी से ऑस्ट्रेलिया ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली. कप्तानी की जिम्मेदारी निभा रहे स्मिथ ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं और दबाव में उनका प्रदर्शन और भी निखरकर सामने आता है.