Asia Cup Win: किसके कहने पर टीम इंडिया ने नहीं मिलाया पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ? कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया सच

Asia Cup Win: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने का फैसला किया. यह निर्णय बीसीसीआई और भारत सरकार की सलाह पर लिया गया था. मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ी सीधे ड्रेसिंग रूम लौट गए, जिससे पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया.

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Babli Rautela

Asia Cup Win: एशिया कप 2025 के ग्रुप ए मुकाबले में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने का स्पष्ट फैसला लिया. मैच के दौरान सूर्यकुमार और शिवम दुबे ने विजयी रन बनाने के बाद सीधे भारतीय ड्रेसिंग रूम की ओर रुख किया और पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने की परंपरा का पालन नहीं किया.

इस फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट रूप से राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से जुड़ी है. सूर्यकुमार ने कहा, 'हमारी सरकार और बीसीसीआई, हम आज एकमत थे. बाकी, हमने फैसला ले लिया. हम यहां सिर्फ खेल खेलने आए थे. बस, बात यहीं खत्म. हमने उचित जवाब दिया.'

टीम इंडिया ने क्यों नहीं मिलाया हाथ 

यह कदम उस समय लिया गया जब भारत में 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ती नाराजगी थी. इसी का असर मैच के दौरान हाथ न मिलाने की नीति में भी देखने को मिला. पूर्व विश्व नंबर 3 और यूक्रेनी टेनिस खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना का उदाहरण भी दिया जा सकता है, जिन्होंने रूस और बेलारूसी खिलाड़ियों के साथ हाथ न मिलाने का निर्णय युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर लिया था. सूर्यकुमार के निर्णय में भी इसी तरह का नैतिक और राजनीतिक संदर्भ शामिल था.

मैच खत्म होने के बाद लौटे ड्रेसिंग रूम

सूर्यकुमार और दुबे के भारतीय ड्रेसिंग रूम में लौटने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी उनकी ओर बढ़े, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इसके चलते पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में भी शामिल होने से इंकार कर दिया.

सूर्यकुमार ने मीडिया से कहा, 'जिंदगी में कुछ चीजें खिलाड़ी की भावना से भी आगे होती हैं. हमने प्रेजेंटेशन में भी कहा था कि हम पहलगाम आतंकी हमले के सभी पीड़ितों के साथ खड़े हैं. और हम उनकी एकजुटता व्यक्त करते हैं. हमने यह जीत ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लेने वाले बहादुर सशस्त्र बलों को समर्पित की.'