Rohit Sharma Retirement: 46 गेंदों के आगे फींकी पड़ गईं 33 सेंचुरी, 19 जुलाई को लगेगा रोहित के 19 साल के सफर पर पूर्ण विराम!
कहानी शुरू हुई थी 23 जून 2007 से, जब बेलफास्ट की ठंडी हवाओं में एक युवा खिलाड़ी पहली बार नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरा था. आज उसका ये सफर 19 जुलाई को खत्म होने जा रहा है.
जून 23, 2007 एक ऐसा दिन जब रोहित शर्मा नाम के एक खिलाड़ी ने भारत की नीली जर्सी पहनी. वो दिन आज भी हर क्रिकेट फैन को याद है. आयरलैंड के खिलाफ बेलफास्ट में फ्यूचर कप के दौरान उन्हें टीम में तो जगह मिली लेकिन मैदान पर नहीं उतर सके. इस दिन से ही उनके शानदार इंटरनेशनल व्हाइट-बॉल करियर की शुरुआत हुई. उस समय वह मिडिल ऑर्डर में खेलते थे.
2011 की वर्ल्ड कप टीम में नहीं मिली जगह
विराट ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब उन्होंने रोहित को बल्लेबाजी करते देखा, तो वह चौंक गए थे. उन्हें लगा कि ये तो मुझसे भी कई ज्यादा जबरदस्त खेलता है. रोहित की ODI में शुरूआत बेहद ही खराब रही. कभी वह ताबतोड़ बल्लेबाजी करते, तो कभी उनका बल्ला कई मैचों तक खामुश रहता. पूरी दुनिया इस खिलाड़ी को देखना चाहती थी लेकिन 5-6 सालों तक इन्होंने सबको निराश किया. यही कारण था की रोहित को 2011 की वर्ल्ड कप की टीम में जगह नहीं मिली. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा न बन पाने से सच में बहुत निराशा हुई है... मुझे अब आगे बढ़ना होगा... लेकिन सच कहूं तो यह एक बड़ा झटका था... आपकी क्या राय है?
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धोनी ने बदल दिया करियर
रोहित के करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2013 में आया. तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान ओपनिंग करने का मौका दिया. यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ. इसके बाद रोहित के बल्ले ने ODI में गदर मचा दिया. ओपनिंग करते ही रोहित का अंदाज पूरी तरह बदल गया. उन्होंने अपनी तकनीक और टाइमिंग से दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों को परेशान करना शुरू किया. इसी साल उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला वनडे दोहरा शतक (209 रन) जड़ा और पीछे मुड़कर नहीं देखा.
2013 Champions Trophy
रोहित शर्मा उस भारतीय टीम का अहम हिस्सा थे जिसने 2013 ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी. इस टूर्नामेंट में उन्होंने ओपनिंग बैटर की भूमिका निभाई थी. MS धोनी की कप्तानी में भारत ने बर्मिंघम में खेले गए फाइनल में मेजबान इंग्लैंड को 5 रन से हराया था. इसी जीत के साथ रोहित की वनडे में असल मायनो में एंट्री हुई और उन्होंने अपनी बल्लेबाजती का जौहर दिखाया.
2015 वर्ल्ड कप
2011 के बाद रोहित के लिए सबसे बड़ा और अच्छा मौका 2015 का वर्ल्ड कप आया. रोहित शर्मा का 2015 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप में प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने 8 मैचों में 47.14 की औसत और 91.67 की स्ट्राइक रेट से कुल 330 रन बनाए. वे टूर्नामेंट में भारत के लिए दूसरे सबसे ज्रूादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे, जिसमें क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ मैच जिताने वाली 137 रनों की पारी भी शामिल थी लेकिन वह वर्ल्ड कप नहीं जीत पाए.
2019 वर्ल्ड कप
इसके बाद आया 2019 का वर्ल्ड कप. रोहित शर्मा का 2019 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप में प्रदर्शन सबसे शानदार रहा. रोहित शर्मा का 2019 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप का सफर ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा. वे टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. उन्होंने 9 मैचों में 81.00 के शानदार औसत से 648 रन बनाए. उन्होंने पांच शतक भी बनाए और कई रिकॉर्ड तोड़े. रोहित क्रिकेट इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बने जिन्होंने एक ही वर्ल्ड कप में पांच शतक लगाए. उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका, पाकिस्तान, इंग्लैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ ये कारनामा किया. इस वर्ल्ड कप में भी उनका सपना पूरा नहीं हुआ और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ हारकर बाहर हो गए.
2023 वर्ल्ड कप
इस वर्ल्ड कप में विराट की जगह रोहित को कप्तान बनाया गया. यह भारत की सरजमीन पर ही हुआ और भारत की सबसे मजबूत टीम ये जीतने उतरी थी. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2023 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप में लगातार 10 मैच जीते. वे टूर्नामेंट में 125.94 के ज़बरदस्त स्ट्राइक रेट से 597 रन बनाकर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने. पारी की शुरुआत में उनके निस्वार्थ और आक्रामक अंदाज़ने भारत के फाइनल तक पहुंचाया लेकिन एक बार फिर उनका सपना टूट गया और वह ऑस्ट्रेलिया से हार गए.
वनडे में जबरदस्त रिकॉर्ड
रोहित शर्मा ने वनडे इंटरनेशनल (ODI) में 33 शतक लगाए हैं. उनके नाम सबसे ज्यादा वनडे दोहरे शतक (3) लगाने का रिकॉर्ड है और वे क्रिकेट वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा शतक (7) लगाने का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम हैं. वनडे में इतना जबरदस्त करियर और रिकॉर्ड होने के बाद भी इंग्लैंड में खेली गई सीरीज में 46 गेंदों ने उनका सपना और करियर दोनों खत्म कर दिया.
रोहित का आखिरी मैच
लॉर्डस में रोहित का आखिरी मैच हो सकता है लेकिन एक खिलाड़ी जिसने हर वर्ल्ड कप में अपने बल्ले से टीम को जीत दिलाई और 33 सेंचुरी जड़ी. वर्ल्ड कप में इतना करने के बाद भी उसको सिर्फ 46 गेंदों के खेल पर रिटायर होना पड़ रहा है. यह आखिरी वनडे रोहित की सबसे बड़ी परीक्षा होगी. उनके साथ इस व्यवहार से हर भारतीय खेल प्रेमी का दिल टूट गया. इसके साथ ही रोहित का वनडे वर्ल्ड कप जीतने का सपना-सपना ही रह जाएगा.