Budget 2026

दिग्गज कंपनियों के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा ब्यूटी ब्रांड्स पर क्यों भड़की हैं कैंसर पीड़ित महिलाएं?

ब्रिटिश महिला जो कि कैंसर पीड़ित है उसने मेकअप प्रोडक्ट्स में एस्बेस्टस का इस्तेमाल करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये कैंसर जैसी बीमारियों को न्योता देता है.

Social Media
India Daily Live

आजकल मार्केट में हम कुछ भी खरीदते हैं तो वो हमारे ऊपर कैसे असर करेगा ये जानना बहुत जरूरी होता है. मेकअप ब्रांड्स जिसकी खरीदारी सबसे ज्यादा होती है. पुरुष और महिला हर कोई इसको इस्तेमाल करता है. अब ऐसे में कुछ चीजे होती है जो उन मेकअप प्रोडक्ट्स में मिली होती है लेकिन हमें सूट नहीं करती है. इसलिए कोई भी मेकअप को इस्तेमाल करने से पहले हमें ये देख लेना चाहिए कि उसमें क्या-क्या मिला है.

अब एक ब्रिटिश महिला जो कि कैंसर पीड़ित है उसने मेकअप प्रोडक्ट्स में एस्बेस्टस का इस्तेमाल करने पर सवाल उठाए हैं. एस्बेस्टस जिससे कैंसर होने का खतरा होता है. दरअसल, ब्रिटिश महिला जो कि कैंसर की मरीज हैं, और इनका कहना है कि ब्यूटी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से उन्हें मेसोथेलियोमा हो गया है जो कि फेफड़े, हृदय या पेट की परत के लिए खतरनाक है, और यह लाइलाज कैंसर है.

हन्ना फ्लेचर ने बताया साल 2016 में, वह ब्रिटिश एयरवेज में संवो जॉब करती थी. उस वक्त उन्हें बहुत थकान महसूस होने लगी और पेट में दर्द हुआ. वह डॉक्टर के पास गईं और उन्हें पता चला कि एस्बेस्टस के संपर्क में आने के कारण उन्हें पेरिटोनियल मेसोथेलियोमा है, और उनको कहा गया कि उनके पास जीने के लिए ज्यादा समय नहीं है. इससे पता चलता है कि एस्बेस्टस कितना खतरनाक है.

 

ब्रिटिश महिला ने मेकअप ब्रांड्स पर उठाए सवाल

महिला ने कहा कि टैल्कम पाउडर, जो कि आपको हर मेकअप प्रोडक्ट में मिल जाएगा. टैल्कम ब्रोंज़र, ब्लशर, आई शैडो, फाउंडेशन, मस्कारा, लिपस्टिक और यहाँ तक कि ड्राई शैम्पू में भी पाया जाता है, क्योंकि यह नमी को सोखने और केकिंग को रोकने का काम करता है. टैल्क एक खनिज है जिसे जमे हुए भूमिगत मिट्टी से निकाला जाता है. इसमें अक्सर एस्बेस्टस की नसें पाई जाती है.

एस्बेस्टस एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला खनिज है जो पतले, सुई जैसे रेशों सा दिखता है. एस्बेस्टस शब्द छह अलग-अलग रेशेदार खनिजों को एक में जोड़ता है. एस्बेस्टस का इस्तेमाल सैन्य निर्माण और अन्य क्षेत्रों में काफी किया जाता है.