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India Daily

सरकार ने बेची IDBI बैंक, 16 हजार कर्मचारियों और ग्राहकों के पैसे का क्या होगा? जानें सब कुछ

IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी के बाद कर्मचारियों की नौकरी, सेवा शर्तों और ग्राहकों के खातों पर संभावित असर को लेकर अहम सवाल उठ रहे हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
सरकार ने बेची IDBI बैंक, 16 हजार कर्मचारियों और ग्राहकों के पैसे का क्या होगा? जानें सब कुछ
Courtesy: X

Idbi Bank Privatisation: 14 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IDBI बैंक में 60.72% हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दी. यह सौदा कनाडा की Fairfax Financial Holdings की सहयोगी कंपनी के साथ 52,878.08 करोड़ रुपये में तय हुआ है. ऐसे में बैंक के 16 हजार कर्मचारियों और बैंक में जमा ग्राहकों के पैसे का क्या होगा. आइए जानते हैं....

क्या बैंक पूरी तरह प्राइवेट हो जाएगा?

सरकार ने इस प्रक्रिया को रणनीतिक पुनर्गठन बताया है. सौदा पूरा होने के बाद भी केंद्र सरकार के पास 15% और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास 19% हिस्सेदारी रहेगी. यानी दोनों के पास मिलाकर बैंक की 34% हिस्सेदारी बनी रहेगी.

कर्मचारियों की नौकरी पर क्या असर पड़ेगा?

बैंक के 16 हजार से अधिक कर्मचारियों के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शेयर खरीद समझौते में नए प्रबंधन के नियंत्रण संभालने के बाद कम से कम एक साल तक कर्मचारियों की छंटनी पर रोक का प्रावधान है.

क्या सेवा शर्तें बदल जाएंगी?

समझौते के मुताबिक, कर्मचारियों की मौजूदा सेवा शर्तों, भत्तों और वरिष्ठता को सुरक्षित रखने का प्रावधान है. हालांकि, सौदा पूरा होने और नए प्रबंधन के आने के बाद भविष्य में होने वाले किसी भी बदलाव की जानकारी आधिकारिक घोषणाओं से ही स्पष्ट होगी.

ग्राहकों पर क्या असर होगा?

बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया से ग्राहकों के खाते, जमा राशि और बैंकिंग सेवाओं में तत्काल बदलाव होने की पुष्टि नहीं की गई है. ग्राहकों को अपने खाते या जमा से जुड़े किसी भी बदलाव के लिए बैंक की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए.

क्या सरकार की हिस्सेदारी खत्म हो जाएगी?

नहीं. प्रस्तावित सौदे के बाद केंद्र सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी 34% बनी रहेगी. हालांकि, 60.72% हिस्सेदारी की बिक्री से बैंक का प्रबंधन नियंत्रण रणनीतिक खरीदार के पास जाने का रास्ता साफ होगा.

सौदे की अहमियत क्या है?

यह सौदा IDBI बैंक के स्वामित्व और प्रबंधन में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इसका उद्देश्य रणनीतिक खरीदार को बैंक का नियंत्रण सौंपना है, जबकि सरकार और LIC अपनी शेष हिस्सेदारी बनाए रखेंगे.