पेनकिलर खाते हैं तो सावधान! ज्यादा इस्तेमाल से किडनी हो सकती है फेल, जानें कितनी दवा है खतरनाक
दर्द से तुरंत राहत के लिए पेनकिलर लेना आम है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक इनका इस्तेमाल किडनी समेत शरीर के दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. विशेषज्ञ सीमित और सावधानी से उपयोग की सलाह देते हैं.
इंदौर के 31 वर्षीय नंदराम को बुखार और हाथ-पैर में दर्द था. मेडिकल स्टोर से लेकर पेनकिलर खाने पर उन्हें कुछ समय राहत मिली, लेकिन दर्द लौटते ही वह दोबारा दवा लेने लगे. एक महीने में करीब 13 बार पेनकिलर लेने के बाद उन्हें गंभीर पेट दर्द हुआ और जांच में किडनी फेल होने की बात सामने आई.
पेनकिलर कैसे पहुंचा सकता है किडनी को नुकसान
पेनकिलर ऐसी दवाएं हैं जो दर्द की तीव्रता कम करती हैं और कुछ दवाएं सूजन को भी नियंत्रित करती हैं. इनमें मुख्य रूप से NSAIDs और ओपिओइड दवाएं शामिल हैं. खासकर NSAIDs कुछ लोगों में किडनी तक पहुंचने वाले रक्त प्रवाह को कम कर सकती हैं, जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है. हालांकि केवल 13 दिन दवा लेने से किडनी फेल होना सामान्य स्थिति नहीं है. दवा की मात्रा और प्रकार, शरीर में पानी की कमी, पहले से मौजूद बीमारी और अन्य कारक जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं.
सिर्फ किडनी नहीं, दूसरे अंग भी खतरे में
पेनकिलर का जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक सेवन केवल किडनी के लिए ही चिंता का विषय नहीं है. इससे पेट में अल्सर और रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है, जबकि लिवर पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है. कुछ स्थितियों में ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ने की बात भी सामने आई है. लंबे समय तक गलत तरीके से दवा लेने से रक्त वाहिकाओं और मस्तिष्क से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं. इसलिए सिरदर्द, कमर दर्द, मांसपेशियों के दर्द या पीरियड्स के दर्द में बार-बार खुद से दवा लेना उचित नहीं माना जाता.
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किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए
हर व्यक्ति के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है. पहले से किडनी की बीमारी, शरीर में पानी की कमी या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है. कुछ अन्य दवाओं के साथ पेनकिलर लेने पर भी साइड इफेक्ट और किडनी पर दबाव बढ़ सकता है. इसलिए दवा का चुनाव व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और इस्तेमाल की जा रही दूसरी दवाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए. सही मात्रा और कम अवधि में इस्तेमाल महत्वपूर्ण है.
हर दर्द में पेनकिलर जरूरी नहीं
हल्के और सामान्य दर्द में हर बार दवा लेना जरूरी नहीं होता. सिरदर्द में पर्याप्त पानी, आराम और अच्छी नींद मदद कर सकती है. मांसपेशियों के दर्द में आराम, हल्की स्ट्रेचिंग और गर्म सिकाई उपयोगी हो सकती है. मोच या चोट के शुरुआती समय में आराम और ठंडी सिकाई राहत दे सकती है. कमर दर्द में लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहने के बजाय हल्की गतिविधि और स्ट्रेचिंग बेहतर हो सकती है. पीरियड्स के दर्द में गर्म पानी की थैली और हल्की एक्सरसाइज मदद कर सकती है. दांत दर्द में अस्थायी राहत के लिए गुनगुने नमक वाले पानी से कुल्ला किया जा सकता है, लेकिन कारण जानने के लिए डेंटिस्ट से जांच जरूरी है.