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जिन्होंने कभी नहीं पी सिगरेट, उन्हीं को सबसे ज्यादा कैंसर, क्यों होता है ऐसा?

कैंसर जो कि जानलेवा बीमारी है. कई लोग इसके संपर्क में आने के बाद अपनी जान गवा चुके हैं. भारत में लंग्स कैंसर की समस्या काफी देखने को मिलती है जिसमें अधिकत्तर वो लोग संपर्क में आते हैं जिन्होंने कभी सिगरेट नहीं पिया लेकिन फिर भी Lungs कैंसर के संपर्क में आ जाते हैं.

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कैंसर जो कि जानलेवा बीमारी है. कई लोग इसके संपर्क में आ जाते हैं. यह बीमारी आज पूरी दुनिया में तेज़ी से फैल रहा है. कैंसर के कारण कई लोगों की जान गई है. हालांकि, अगर इसके बारे में पहले ही पता चल जाए तो इससे बचने के चांसेज ज्यादा होते हैं वरना काफी दिक्कत होती है. कैंसर खासतौर पर फेफड़ों के कैंसर धूम्रपान करने से ज्यादा होते हैं. नशीले पदार्थ का इस्तेमाल करने से इसके होने के ज्यादा संभावना है.

हालांकि, कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि वो लोग फेफड़ा कैंसर की गिरफ्त में आ गए हैं जिन्होंने कभी सिगरेट नहीं पी है. आइए बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है? 

कैसे हो रहा है लंग्स कैंसर

पुरानी रिसर्च की मानें तो ब्रिटेन में हर साल 45 हज़ार फेफड़ों के कैंसर के मरीज़ सामने आते हैं. जबकि अमरीका में ये तादाद दो लाख तीस हज़ार और ऑस्ट्रेलिया में साढ़े बारह हज़ार मरीज़ सालाना के हैं. वहीं वैज्ञानिकों ने पाया कि भारत में फेफड़े के कैंसर की समस्या उन लोगों में देखी जा रही है जिन्होंने आज तक सिगरेट नहीं पिया लेकिन फिर भी उन्हें फेफड़ों का कैंसर हो रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि धूम्रपान के कारण वायु भी प्रदूषित हो रही है जो कि फेफड़े कैंसर का कारण बन रहा है.

भारत में फेफड़े का कैंसर आमतौर पर 54 से 70 वर्ष की उम्र के बीच होता है. फेफड़े के कैंसर की घटना दर 1990 में प्रति 1,00,000 पर 6.62 से बढ़कर 2019 में प्रति 1,00,000 पर 7.7 हो गई है, और 2025 तक शहरी क्षेत्रों में इसमें और ज्यादा तेजी आएगी.

लंग्स कैंसर के लक्षण-

  • एक नई खांसी जो ठीक नहीं होती.
  • छाती में दर्द.
  • खांसी में खून आना, चाहे थोड़ी मात्रा में ही क्यों न हो.
  • स्वर बैठना. सांस लेने में कठिनाई.
  • घरघराहट.