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नींद नहीं आती तो सिर्फ 30 मिनट कर लें ये योगा, पूरी तरह खत्म हो जाएगी समस्या, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

नई रिसर्च में दावा किया गया है कि हाई इंटेंसिटी योगा नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए सबसे प्रभावी व्यायाम साबित हो सकता है. केवल आधे घंटे से कम समय तक सप्ताह में दो बार योग करने से नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
नींद नहीं आती तो सिर्फ 30 मिनट कर लें ये योगा, पूरी तरह खत्म हो जाएगी समस्या, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
Courtesy: WEB

आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में नींद की कमी और अनिद्रा आम समस्या बन चुकी है. काम का दबाव, तनाव और असंतुलित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं. लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन ने नींद सुधारने के लिए योग को सबसे प्रभावी उपाय बताया है. यह शोध चीन के हार्बिन स्पोर्ट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया और इसे जर्नल स्लीप एंड बायोलॉजिकल रिद्म्स में प्रकाशित किया गया है.

इस अध्ययन में 30 रैंडमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल्स के डाटा को शामिल किया गया. इन ट्रायल्स में दुनिया के 12 से अधिक देशों के ढाई हजार से ज्यादा प्रतिभागी शामिल थे जो नींद संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे. शोध में सामने आया कि हाई इंटेंसिटी योगा करने वाले प्रतिभागियों की नींद की गुणवत्ता अन्य व्यायाम करने वालों की तुलना में अधिक तेजी से सुधरी.

कब और कितना योगा है असरदार

रिसर्च में पाया गया कि यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में दो बार 30 मिनट से कम समय के लिए योग करता है, तो महज 8 से 10 हफ्तों में बेहतर परिणाम दिखने लगते हैं. इसके मुकाबले वॉकिंग, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और एरोबिक एक्सरसाइज जैसी गतिविधियों के मुकाबले योग ने अधिक सकारात्मक असर दिखाया.

क्यों कारगर है योग?

वैज्ञानिकों का मानना है कि योग केवल शारीरिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति का भी साधन है. योग हृदय की धड़कन बढ़ाता है और मांसपेशियों को मज़बूत करता है, लेकिन इसकी खासियत है श्वास पर नियंत्रण. यह पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जो शरीर को ‘रेस्ट एंड डाइजेस्ट’ की स्थिति में ले जाता है. यही प्रक्रिया मन को शांत कर नींद लाने में मदद करती है.

सावधानी की ज़रूरत

हालांकि वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि इन निष्कर्षों को सावधानी से लेना चाहिए क्योंकि अभी लंबे समय तक योग या अन्य व्यायामों के नींद पर असर को लेकर पर्याप्त शोध नहीं हुआ है. हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए सभी के लिए एक ही फॉर्मूला लागू नहीं हो सकता. फिर भी यह स्पष्ट है कि योग नींद सुधारने का एक मजबूत और प्राकृतिक तरीका हो सकता है.