सुबह की कॉफी बहुतों के लिए दिन की शुरुआत का जरूरी हिस्सा होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे गलत तरीके से पीना सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है? हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की डॉक्टर-साइंटिस्ट डॉ. त्रिशा पसरिचा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की है.
इस पोस्ट में उन्होंने बताया है कि कैसे कुछ छोटे बदलाव करके आप अपनी रोज की कॉफी को हेल्दी बना सकते हैं. उन्होंने सात वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित टिप्स दिए, जिनसे कॉफी आपकी सेहत की साथी बन सकती है.
डॉ. त्रिशा ने 2022 में हुई एक बड़ी स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि जो लोग बिना चीनी वाली कॉफी पीते हैं, वे दूसरों की तुलना में ज्यादा लंबा जीवन जीते हैं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग एक चम्मच चीनी डालते हैं, वे भी स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं. इसलिए कॉफी में चीनी ज्यादा डालना सेहत के लिए नुकसानदायक है, जबकि हल्की मिठास सुरक्षित मानी जा सकती है.
उन्होंने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल मिठास (artificial sweeteners) सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होती. 2022 की एक और स्टडी में पाया गया कि ऐसे स्वीटनर कॉफी के फायदों को कम कर देते हैं. डॉक्टर त्रिशा ने कहा कि शुगर के विकल्प सभी के लिए बेहतर नहीं हैं और लंबे समय में इनके दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं.
डॉ. त्रिशा ने बताया कि बाजार में मिलने वाले कई कॉफी क्रीमर असल में वेजिटेबल ऑयल से बने होते हैं, जिनमें पाम या सोयाबीन ऑयल प्रमुख होते हैं. इनमें अतिरिक्त चीनी भी होती है. उन्होंने सलाह दी कि अगर आपको फ्लेवर्ड कॉफी चाहिए तो क्रीम की जगह दालचीनी या चोको पाउडर जैसे प्राकृतिक विकल्प अपनाएं.
डॉ. त्रिशा ने कहा कि फ्रेंच प्रेस या एस्प्रेसो कॉफी ज्यादा मात्रा में पीने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है. इसका कारण है डाइटरपीन (Diterpenes) नामक तत्व, जो लीवर की कोलेस्ट्रॉल हटाने की क्षमता को कम करता है. उन्होंने बताया कि पेपर फिल्टर का उपयोग करके इस नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है.
2025 की एक स्टडी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग दिन में दोपहर से पहले कॉफी पीते हैं, उनमें सभी कारणों से मौत का खतरा 16% कम पाया गया. देर रात तक कैफीन लेने से मेलाटोनिन हार्मोन कम हो जाता है, जिससे नींद और शरीर की बायोलॉजिकल रिदम प्रभावित होती है. इसलिए सुबह या दोपहर तक कॉफी पीना ज्यादा फायदेमंद है.
डॉ. त्रिशा ने बताया कि कॉफी शरीर में गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स को ट्रिगर करती है, जिससे कुछ लोगों को कॉफी पीने के बाद तुरंत शौच की आवश्यकता महसूस होती है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है और शरीर की स्वस्थ प्रतिक्रिया मानी जाती है. इसलिए अपनी दिनचर्या इस हिसाब से तय करें.