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फरवरी में मोगरा को फूलों से लादने की आसान ट्रिक, माली की फ्री खाद से गर्मियों में बरसेंगे सफेद फूल

फरवरी में मोगरा पौधा सर्दियों की नींद से जागने लगता है. छंटाई, गुड़ाई और दो मुफ्त घरेलू खादों—पत्तों की खाद तथा केले के छिलके का पाउडर-से पौधे को तैयार करें. इससे नई शाखाएं, हरी पत्तियां और ढेरों कलियां आएंगी.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: मोगरा, जिसे अरेबियन जैस्मिन भी कहते हैं, अपनी मादक खुशबू और चमकदार सफेद फूलों के लिए घर-बागानों का पसंदीदा पौधा है. सर्दियों में यह पौधा डॉर्मेंसी में चला जाता है, फूल कम हो जाते हैं और पत्तियां झड़ने लगती हैं. लेकिन फरवरी आते ही मौसम सुहाना होने लगता है, जिससे पौधा नई ग्रोथ के लिए तैयार होता है. यही सही समय है इसे गर्मियों के लिए मजबूत बनाने का. 

डॉर्मेंसी खत्म होने पर शुरुआती देखभाल

जैसे ही फरवरी में ठंड कम होने लगे, समझ लें कि पौधे की आराम की अवधि खत्म हो रही है. सबसे पहले हल्की छंटाई करें. अगर बेल जैसा रूप चाहिए तो लंबी शाखाएं छोड़ दें, वरना गोलाकार बनाने के लिए अतिरिक्त ब्रांच काट दें. प्रूनिंग कैंची को साफ-सुथरा रखें ताकि कोई संक्रमण न फैले. इससे पौधे की ऊर्जा नई कलियों पर केंद्रित होगी और ग्रोथ तेज होगी.

कटिंग के बाद फंगस से सुरक्षा

छंटाई के बाद कटे सिरों पर फंगस लगने का खतरा रहता है, जो पौधे को कमजोर कर सकता है. बाजार की फंगीसाइड इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन प्राकृतिक उपाय बेहतर है. कटे हिस्सों पर हल्दी का पाउडर या दालचीनी का लेप लगाएं. ये घरेलू चीजें बैक्टीरिया और फंगस को दूर रखती हैं. इससे पौधा स्वस्थ रहता है और जल्दी रिकवर करता है.


मिट्टी की गुड़ाई और जड़ों की सफाई जरूरी

खाद डालने से पहले कभी जल्दबाजी न करें. गमले की मिट्टी में हल्की गुड़ाई करें, जिससे जड़ों तक हवा पहुंचे. अगर जड़ें घनी हो गई हों तो सावधानी से अतिरिक्त जड़ें हटाएं. यदि पौधा गमले में ज्यादा बड़ा हो गया है तो रिपॉटिंग कर लें. नई ताजी मिट्टी डालने से पोषण बेहतर मिलता है और पौधा मजबूत बनता है.

पत्तों की खाद से हरी-भरी ग्रोथ

कविता जोशी बताती हैं कि सूखी पत्तों की खाद मोगरे के लिए सबसे अच्छी है. इसमें भरपूर नाइट्रोजन होता है, जो नई पत्तियां और शाखाएं लाने में मदद करता है. गुड़ाई के बाद जड़ों के आसपास पत्तों की परत बिछा दें. यह मिट्टी को ढीला रखती है, नमी बनाए रखती है और धीरे-धीरे पोषण देती है. 

फूलों का नैचुरल बूस्टर

ढेर सारे फूल चाहिए तो फास्फोरस और पोटेशियम की जरूरत पड़ती है, जो केले के छिलके में प्राकृतिक रूप से मिलता है. छिलकों को सुखाकर मिक्सर में पीस लें. पत्तों की खाद डालने के बाद 1-2 चम्मच पाउडर जड़ों में छिड़कें और मिट्टी से ढक दें. यह कलियों की संख्या बढ़ाता है और फूलों को स्वस्थ बनाता है.

धूप, पानी और अंतिम देखभाल

खाद डालने के बाद पौधे को ऐसी जगह रखें जहां रोज 5-6 घंटे सीधी धूप मिले. बिना धूप के कलियां नहीं बनेंगी. खाद डालते ही हल्का पानी दें ताकि वह मिट्टी में अच्छे से घुल जाए. उसके बाद पानी तभी दें जब ऊपरी मिट्टी सूखी लगे. ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं. इन टिप्स से आपका मोगरा गर्मियों में खुशबू और फूलों से महक उठेगा.

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं. इंडिया डेली इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है.