Onam Aaghosham: लाइव म्यूजिक से पारंपरिक भोज तक... अगर पसंद है केरल का खाना, तो 22 अगस्त का ये ओणम फेस्टिवल न करें मिस

मुंबई के Fairmont Mumbai में 22 अगस्त को The Merchants रेस्तरां में Onam Aaghosham का आयोजन होगा. यह सांस्कृतिक उत्सव Backwaters Chechie के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है.

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Reepu Kumari

मुंबई में रहने वाले केरल की संस्कृति और भोजन प्रेमियों के लिए 22 अगस्त खास रहने वाला है. Fairmont Mumbai के रेस्तरां The Merchants में Onam Aaghosham का आयोजन किया जाएगा, जहां पारंपरिक ओणम उत्सव को सांस्कृतिक और पाक विरासत के साथ मनाया जाएगा. इस आयोजन में केरल की सदियों पुरानी परंपराओं को एक ही मंच पर अनुभव करने का अवसर मिलेगा.

इस विशेष उत्सव का आयोजन Backwaters Chechie के सहयोग से किया जा रहा है और इसकी अगुवाई शोभा पिल्लई कुटिन्हो करेंगी. पूरे दिन मेहमानों को पारंपरिक संगीत, कला और प्रामाणिक केरल व्यंजनों का अनुभव मिलेगा. आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण केले के पत्ते पर परोसी जाने वाली पारंपरिक ओणसद्या होगी.

आखिर क्या होता है Onam Aaghosham?

Onam Aaghosham का अर्थ है ओणम का सार्वजनिक और सांस्कृतिक उत्सव. यह केरल के पारंपरिक फसल पर्व ओणम का उत्सव है, जिसे मलयालम महीने चिंगम के दस दिवसीय समारोह के रूप में मनाया जाता है. इस दौरान समुदाय, परिवार और सांस्कृतिक संस्थाएं मिलकर संगीत, नृत्य, भोज और पारंपरिक कार्यक्रमों के जरिए त्योहार का आनंद लेते हैं.


ओणम केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले मलयाली समुदाय के साथ-साथ अन्य लोग भी इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. मुंबई का यह आयोजन भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है.

केले के पत्ते पर सजेगी शाही ओणसद्या

इस आयोजन की सबसे खास पहचान होगी पारंपरिक Onasadya, जिसे ताजे केले के पत्ते पर परोसा जाएगा. मेन्यू में काया उप्पेरी, शर्करा वरट्टी, पाइनएप्पल पचड़ी, अवियल, ओलन, कालन और एरिस्सेरी जैसे प्रामाणिक केरल व्यंजन शामिल होंगे.

इनके साथ मेहमानों को केरल मट्टा राइस, सांभर और रसम परोसा जाएगा. भोजन का समापन दो पारंपरिक मिठाइयों अडा प्रदमन और तिरुवोणम पायसम से होगा. यह पूरी सद्या केरल की पारंपरिक पाक शैली का अनुभव कराने के लिए तैयार की गई है.

संगीत और कला से सजेगा पूरा दिन

Onam Aaghosham केवल भोजन तक सीमित नहीं रहेगा. पूरे दिन लाइव संगीत का आयोजन किया जाएगा, जिससे मेहमानों को केरल की सांस्कृतिक धुनों का आनंद मिलेगा. इसके अलावा पारंपरिक कला और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां भी इस समारोह का हिस्सा होंगी.

आयोजकों का उद्देश्य ओणम की सांस्कृतिक विरासत को भोजन, संगीत और कला के माध्यम से एक साथ प्रस्तुत करना है. ऐसे आयोजनों के जरिए केरल की लोक परंपराएं और त्योहारों की जीवंत पहचान बड़े शहरों में भी देखने को मिलती है.

ओणम की परंपराओं की झलक भी मिलेगी

ओणम उत्सव की पहचान केवल सद्या नहीं है. इसकी सबसे प्रसिद्ध परंपराओं में पूक्कलम, यानी फूलों से बनाई जाने वाली रंगीन सजावट भी शामिल है, जिसे घरों और आयोजनों के प्रवेश द्वार पर सजाया जाता है. यह राजा महाबली के स्वागत का प्रतीक मानी जाती है.

इसके अलावा थिरुवाथिराकली, पुलिकली और प्रसिद्ध वल्लम कली यानी स्नेक बोट रेस भी ओणम की सांस्कृतिक पहचान हैं. मुंबई में आयोजित यह समारोह इन्हीं परंपराओं की भावना को संगीत, कला और सामुदायिक उत्सव के जरिए जीवंत करने का प्रयास करेगा.