पहली सिगरेट के बाद ही शुरू हो जाता है फेफड़ों का नुकसान?
शुरुआत में नुकसान कम
विशेषज्ञों के मुताबिक सिगरेट के धुएं के संपर्क में आते ही शरीर प्रतिक्रिया देना शुरू कर सकता है. शुरुआत में नुकसान इतना कम हो सकता है कि व्यक्ति को इसका पता भी नहीं चलता.
फेफड़ों के साथ दिल पर भी असर
विशेषज्ञों के मुताबिक धूम्रपान का असर केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता. यह दिल और रक्त वाहिकाओं को भी प्रभावित करता है.
धड़कन और रक्तचाप
सिगरेट पीने के बाद हृदय की धड़कन और रक्तचाप बढ़ सकता है. वहीं फेफड़ों में जलन और सूजन की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है.
लक्षण नहीं हैं तो भी सावधान
अगर अभी खांसी, सांस फूलने या सीने में परेशानी नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं कि सिगरेट शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा रही.
स्पष्ट लक्षण नहीं
अंदरूनी बदलाव शुरुआत में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हो सकते हैं. यही वजह है कि कई लोग खुद को पूरी तरह स्वस्थ समझते हैं और धूम्रपान जारी रखते हैं.
शुरुआती संकेत
धूम्रपान करने वालों में कुछ शुरुआती संकेत दिखाई दे सकते हैं. इनमें लगातार खांसी, सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना, जल्दी थक जाना और शारीरिक क्षमता कम होना शामिल है.
रोजाना सिर्फ एक सिगरेट
कुछ लोग सोचते हैं कि रोजाना सिर्फ एक सिगरेट पीने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक धूम्रपान की कोई ऐसी मात्रा नहीं है, जिसे पूरी तरह सुरक्षित कहा जा सके.
धूम्रपान छोड़ने के बाद क्या?
धूम्रपान छोड़ने के बाद शरीर खुद को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर देता है. समय के साथ फेफड़ों की क्षमता बेहतर हो सकती है और दिल, स्ट्रोक तथा फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है.
जल्दी छोड़े धूम्रपान
सिगरेट छोड़ने की कोई उम्र नहीं होती. जितनी जल्दी धूम्रपान छोड़ा जाए, भविष्य के स्वास्थ्य के लिए उतना ही बेहतर है.