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दिल्ली-NCR में प्रदूषण से गले में हो रही है जलन? तो पिएं इस देसी पत्ते का काढ़ा, जानें रेसिपी

दिल्ली में प्रदूषण तेजी से बढ़ते जा रहा है. ऐसे में कई लोग कोल्ड, कफ और गले का इंफेक्शन का सामना कर रहे हैं. अगर आपको ऐसी दिक्कते हैं तो पान का पत्तों से बना काढ़ा पिएं.

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Edited By: Princy Sharma
दिल्ली-NCR में प्रदूषण से गले में हो रही है जलन? तो पिएं इस देसी पत्ते का काढ़ा, जानें रेसिपी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: जैसे-जैसे दिल्ली-NCR में एयर पॉल्यूशन तेजी से बढ़ रहा है, रेस्पिरेटरी सिस्टम को नुकसान पहुंच रहा है. धूल, धुएं और जहरीले कणों से भरी प्रदूषित हवा से गले में जलन, सूखापन, खांसी, नाक बंद होना और सांस लेने में तकलीफ होती है. मॉडर्न दवाएं मदद करती हैं, लेकिन आयुर्वेद हमें याद दिलाता है कि कुछ सबसे अच्छे इलाज बोतलों से नहीं मिलते वे कुदरत से मिलते हैं.

सदियों से भरोसेमंद एक असरदार कुदरती इलाज है पान का पत्ता. हालांकि बहुत से लोग इसे सिर्फ माउथ फ्रेशनर के तौर पर जानते हैं, आयुर्वेद का मानना ​​है कि यह एक हीलिंग हर्ब भी है जो गले और रेस्पिरेटरी सिस्टम को बचाता है. वो है पान का पत्ता आयुर्वेद पान के पत्ते को 'उष्ण वीर्य' वाला बताता है, जिसका मतलब है कि यह कुदरती तौर पर शरीर को गर्मी देता है. 

दर्द, जलन, कंजेशन की परेशानी

सर्दियों या प्रदूषण वाले दिनों में, शरीर में ज्यादा कफ (म्यूकस) बनता है, जिससे गले में भारी दर्द, जलन, कंजेशन, नाक बंद होना और खांसी होती है. पान का पत्ता एक कुदरती दवा की तरह काम करता है, बिना किसी केमिकल के म्यूकस को पिघलाने और गले को आराम देने में मदद करता है. एक्सपर्ट का मानना है कि प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों को इस आसान, सुरक्षित और असरदार उपाय को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. 

कैसे बनाएं पान के पत्ते का काढ़ा?

पान के पत्ते गले और फेफड़ों के लिए एक नेचुरल प्रोटेक्टर का काम करते हैं. यह आसान ड्रिंक जलन, सूखापन, खांसी और कंजेशन को जल्दी से शांत करता है. चलिए जानते हैं तुरंत आराम के लिए पान के पत्ते का काढ़ा कैसे बनाएं.

  • 1-2 पान के पत्तों को पानी में उबालें
  • 3-4 तुलसी के पत्ते + 2-3 काली मिर्च के बीज डालें
  • कुछ मिनट उबालें और छान लें फिर इसे गर्म पिएं

कितने दिन में दिखेगा फर्क? 

अगर इसे 7-10 दिनों तक लिया जाए, तो जलन कम होगी, खांसी हल्की होगी, बलगम का पिघलना और अपने आप साफ होना गला हल्का और आरामदायक महसूस होना जैसे बदलाव नजर आएंगे. यह उपाय सभी उम्र के लोगों के लिए सही है. लगभग 2,000 सालों से, भारतीय इलाज की परंपराओं में पान के पत्ते का एक सम्मानित स्थान रहा है. 

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.

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