PhD After 4 year undergraduate degree: शिक्षा जगत से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है. चार साल की ग्रेजुएशन डिग्री के बाद छात्र अब पीएचडी कर सकते हैं. ग्रेजुएशन में जितने भी सब्जेक्ट होंगे उनमें से किसी एक सब्जेक्ट में पीएचडी की जा सकती है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसकी जानकारी दी है.
अभी तक किसी भी विषय में पीएचडी करने के लिए मास्टर डिग्री करनी होती थी. लेकिन नई शिक्षा नीति के तहत धीरे-धीरे शिक्षा पद्धति में बदलाव हो रहा है.
Students with 4-year undergraduate degrees can pursue PhD in any subject irrespective of discipline of their bachelor's course: UGC
— Press Trust of India (@PTI_News) April 21, 2024Also Read
धीरे-धीरे करके विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में बदलाव हो रहा है. नई शिक्षा नीति के तहत 4 साल की ग्रेजुएशन डिग्री है. हालांकि, अभी नई शिक्षा नीति पूरी तरह से विश्वविद्यालयों ने लागू नहीं की है. धीरे-धीरे करके बदलाव हो रहे हैं. लेकिन अभी भी ऐसे कई कोर्स हैं, जो चार साल के होते हैं. चार साल की ग्रेजुएशन डिग्री करने वाले छात्रों के लिए अब पीएचडी करने का द्वारा खुल जाएगा.
मान लीजिए अगर आपने चार साल की ग्रेजुएशन डिग्री की. ग्रेजुएशन में आपके विषय गणित, फिजिक्स और केमेस्ट्री हैं. तो आप तीनों विषय में पीएचडी कर सकते हैं.
तीन साल की ग्रेजुएशन डिग्री करने पर, पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी पड़ती है. इसके बाद मास्टर की डिग्री और फिर तब जाकर पीएचडी में एडिमिशन मिलता है. लेकिन यूजीसी ने 4 साल की ग्रेजुएशन डिग्री करने वाले छात्रों को बड़ा तोहफा देते हुए उन्हें सीधी पीएचडी में प्रवेश लेने का मौका दे दिया है.