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Ram Mandir Recruitment 2025: राम मंदिर में पुजारियों की भर्ती शुरु, चयन के लिए देने होंगे 306 टेस्ट, जानें कौन कर सकता है आवेदन?

पुजारी बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ट्रस्ट ने कुछ अहम शर्तें तय की हैं. उम्मीदवार की उम्र 20 से 30 साल के बीच होनी चाहिए और उसे किसी गुरुकुल से धार्मिक शिक्षा प्राप्त होनी चाहिए. यह जरूरी है कि आवेदक वेद, मंत्रोच्चार और पूजा विधि में दक्ष हो.

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Edited By: Reepu Kumari
Ram Mandir Recruitment 2025: राम मंदिर में पुजारियों की भर्ती शुरु, चयन के लिए देने होंगे 306 टेस्ट, जानें कौन कर सकता है आवेदन?
Courtesy: Pinterest

Ram Mandir Recruitment 2025: अगर आप भी पुजारी बनने के लिए पढ़ाई कर रहें हैं तो आपके लिए सुनहरा मौका है. अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि में पुजारी पोस्ट के लिए भर्ती निकाली गई है. लेकिन इसके लिए उम्मीदवार को एक दो नहीं बल्कि 306 टेस्ट से गुजरना होगा. जानकारी के लिए आपको बात दें कि यह भर्ती 14 मंंदिरों के पुजारी पोस्ट पर की जा रही है. रामलला के भव्य मंदिर परिसर में अब देवी-देवताओं की सेवा, पूजन और श्रृंगार के लिए प्रशिक्षित अर्चकों की जरूरत है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और पवित्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं. 26 जून से 30 जून 2025 तक इच्छुक युवा ट्रस्ट की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं. खास बात यह है कि अयोध्या के स्थानीय युवाओं को इस भर्ती में वरीयता दी जाएगी.

कौन कर सकता है आवेदन? जानें योग्यता और शर्तें

पुजारी बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ट्रस्ट ने कुछ अहम शर्तें तय की हैं. उम्मीदवार की उम्र 20 से 30 साल के बीच होनी चाहिए और उसे किसी गुरुकुल से धार्मिक शिक्षा प्राप्त होनी चाहिए. यह जरूरी है कि आवेदक वेद, मंत्रोच्चार और पूजा विधि में दक्ष हो. इसके अलावा, चयनित अर्चकों को प्रशिक्षण के दौरान खाना, रहने की व्यवस्था और ₹2000 की मासिक छात्रवृत्ति दी जाएगी. यह कदम पारंपरिक धार्मिक सेवाओं को बढ़ावा देने और युवाओं को इससे जोड़ने के लिए उठाया गया है.

306 चरणों की परीक्षा! ऐसा होगा चयन

इस भर्ती की प्रक्रिया काफी गहन और चुनौतीपूर्ण है. आवेदकों को कुल 306 टेस्ट देने होंगे, जिसमें लिखित और मौखिक परीक्षा दोनों शामिल होंगी. इन परीक्षाओं के आधार पर योग्य अभ्यर्थियों को अंतिम चयन के लिए चुना जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी धार्मिक समिति के अध्यक्ष और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी जी खुद करेंगे, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और धार्मिक गरिमा के अनुरूप हो.

श्रीराम दरबार में सेवा का सुनहरा मौका

अभी हाल ही में राम मंदिर में श्रीराम दरबार और अन्य 13 मंदिरों में तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ था. अब इन मंदिरों में नियमित पूजा और सेवा के लिए समर्पित पुजारियों की जरूरत है. यह अवसर उन युवाओं के लिए सुनहरा है जो धर्मसेवा को अपना जीवन उद्देश्य मानते हैं.