नई दिल्ली: समुद्र सिर्फ घूमने या छुट्टियां मनाने की जगह नहीं है. यही समुद्र दुनिया के व्यापार की सबसे बड़ी ताकत भी है. दुनिया का लगभग 90 प्रतिशत सामान समुद्र के रास्ते एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाया जाता है. कच्चा तेल, गाड़ियां, अनाज और रोजमर्रा के कई सामान जहाजों के जरिए ही अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचते हैं.
इन सभी सामानों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी मर्चेंट नेवी निभाती है. भारत जैसे बड़े देश के लिए समुद्री व्यापार बहुत अहम है क्योंकि यहां कई बड़े और छोटे बंदरगाह हैं जहां से रोजाना बड़े स्तर पर आयात और निर्यात होता है. इसी वजह से मर्चेंट नेवी आज युवाओं के लिए एक आकर्षक और सम्मानजनक करियर बनता जा रहा है.
मर्चेंट नेवी वह सेवा है जो समुद्री जहाजों के जरिए माल और यात्रियों को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाती है. कई लोग इसे भारतीय नौसेना से जोड़ देते हैं लेकिन दोनों पूरी तरह अलग हैं. भारतीय नौसेना देश की सुरक्षा के लिए काम करती है जबकि मर्चेंट नेवी पूरी तरह व्यापारिक क्षेत्र से जुड़ी होती है. मर्चेंट नेवी में काम करने वाले लोग शिपिंग कंपनियों के लिए काम करते हैं और उनका मुख्य काम माल ढुलाई से जुड़े जहाजों का संचालन करना होता है.
मर्चेंट नेवी में नौकरी पाने के लिए सबसे पहले आपको किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित कोर्स करना होता है. 10वीं या 12वीं के बाद छात्र अपनी रुचि के अनुसार डेक डिपार्टमेंट, इंजन डिपार्टमेंट या जीपी रेटिंग कोर्स चुन सकते हैं. डिग्री कोर्स में प्रवेश के लिए अक्सर इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है.
कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार को मेडिकल फिटनेस टेस्ट पास करना होता है. इसके बाद Continuous Discharge Certificate बनवाया जाता है जो जहाज पर काम करने के लिए जरूरी दस्तावेज होता है. इसके बाद शिपिंग कंपनियों में आवेदन या कैंपस प्लेसमेंट के जरिए चयन होता है और उम्मीदवार को जहाज पर ट्रेनी या कैडेट के रूप में काम करने का मौका मिलता है.
जीपी रेटिंग कोर्स
डेक डिपार्टमेंट
इंजन डिपार्टमेंट
इलेक्ट्रो टेक्निकल ऑफिसर
मर्चेंट नेवी को हाई सैलरी वाले करियर में गिना जाता है. हालांकि वेतन पद और अनुभव के आधार पर अलग अलग होता है. शुरुआत में जब कोई उम्मीदवार डेक कैडेट, जीपी रेटिंग या जूनियर इंजीनियर के रूप में जॉइन करता है तो उसकी सैलरी लगभग 30 हजार से 60 हजार रुपये प्रति माह के बीच हो सकती है. जैसे जैसे अनुभव बढ़ता है और व्यक्ति अधिकारी रैंक तक पहुंचता है तो वेतन एक लाख से तीन लाख रुपये प्रति माह तक हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति कैप्टन या चीफ इंजीनियर जैसे उच्च पद तक पहुंच जाता है तो उसकी आय आठ लाख से पंद्रह लाख रुपये प्रति माह या उससे भी अधिक हो सकती है.