Inspiring Journey: दो बेटियों की जिम्मेदारी, 9 साल से नहीं छुई किताब... फिर भी 37 की उम्र में प्रीति बनीं KVS टीचर

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की प्रीति शर्मा ने साबित कर दिया कि उम्र और हालात कभी सपनों के आड़े नहीं आते. शादी के बाद दो बेटियों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई से नाता टूट गया था.

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Reepu Kumari

Inspiring Journey: जिंदगी में कई बार ऐसा वक्त आता है जब लगता है कि सपने अब हकीकत नहीं बन पाएंगे. शादी, बच्चे और घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई-लिखाई पीछे छूट जाती है. लेकिन उत्तर प्रदेश की प्रीति शर्मा की कहानी इस सोच को पूरी तरह बदल देती है. सहारनपुर में जन्मी और शादी के बाद दिल्ली में बसी प्रीति ने वो कर दिखाया जो अधिकतर लोग सोचना भी छोड़ देते हैं. प्रीति का ससुराल बागपत जिले के बरवाला गांव में है. शादी के वक्त उनके पास सिर्फ बैचलर डिग्री थी, लेकिन शादी के बाद उन्होंने न सिर्फ मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की बल्कि ETT कोर्स भी किया. इस पूरे सफर में सबसे बड़ी ताकत बने उनके पति, जिन्होंने हर मोड़ पर उनका हौसला बढ़ाया.

पति के भरोसे ने बदल दी जिंदगी

अध्ययन मंत्रा यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रीति ने बताया कि उनके पति ने हर जगह उनका साथ दिया और हमेशा यही कहा कि वे यह कर सकती हैं. यही भरोसा उनकी सबसे बड़ी ताकत बना. शादी के बाद दो बेटियों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों में पढ़ाई से नाता लगभग टूट ही गया था, लेकिन पति के सपोर्ट ने उन्हें दोबारा हिम्मत जुटाने का मौका दिया.

9 साल बाद फिर उठाईं किताबें

साल 2019 में जब केवीएस और सीटेट की परीक्षाएं आईं, तब प्रीति ने पूरे 9 साल के गैप के बाद दोबारा पढ़ाई शुरू की. इससे पहले भी उन्होंने कई बार फॉर्म भरे थे, लेकिन किसी न किसी वजह से परीक्षा तक नहीं पहुंच पाई थीं. इस बार पति ने कोचिंग करवाई और देवरानी व सास-ससुर ने भी घर के कामों में सहयोग देकर उन्हें तैयारी के लिए वक्त निकालने में मदद की.


रात की पढ़ाई बनी सफलता की चाबी

प्रीति बताती हैं कि दिन में प्राइवेट स्कूल की नौकरी और घर के काम होने से उन्होंने रात को पढ़ाई करने का फैसला किया. वे रोज रात करीब 10-10:30 बजे किताबें लेकर बैठतीं और सुबह तक पढ़ाई करती थीं. कई बार मुश्किल से दो-तीन घंटे ही नींद मिल पाती थी, लेकिन उन्होंने अपने रूटीन में कभी ढिलाई नहीं आने दी.

देश में हासिल की छठी रैंक

कड़ी मेहनत रंग लाई और प्रीति ने केवीएस एग्जाम में 180 में से 155 नंबर हासिल कर पूरे देश में छठी रैंक पाई. तैयारी के दौरान उन्होंने यूट्यूब वीडियो से नोट्स बनाए, कलर पेन तकनीक अपनाई और इंटरव्यू की झिझक दूर करने के लिए बार-बार मॉक इंटरव्यू दिए. ताने सुनने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे लाखों महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी हैं.