How to become a train driver: इस समय भारतीय रेलवे चर्चा में है. वजह है पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुआ कंचनजंगा ट्रेन हादसा. इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. इस दुर्घटना के बाद से लोग ट्रेन ड्राइवर की चर्चा कर रहे हैं. कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर ये भी सवाल किया कि आखिर ट्रेन डाइवर बनते कैसे हैं? इसी सवाल का जवाब का उत्तर आज हम इस लेख में देने वाले हैं. आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि आखिर ट्रेन ड्राइवर कैसे बनते हैं.
ट्रेन ड्राइवर को लोको पायलट कहा जाता है. इस पद के लिए रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड समय-समय पर भर्ती निकालता है. लाखों छात्र लोको पायलट के लिए आवेदन करते हैं. लोको पायलट में सिलेक्शन लेने बहुत ही टफ है. लाखों छात्रों से फाइट करनी पड़ती है.
ट्रेन ड्राइवर बनने के लिए लोको पायलट की परीक्षा देनी पड़ती है. लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक परीक्षा और फिर मेडिकल टेस्ट होता है. सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है. ट्रेनिंग होने के बाद उनकी पोस्टिंग की जाती है.
भारतीय रेलवे में अगर आप ड्राइवर बनना चाहते हैं तो आपका दसवीं पास होना आवश्यक है. इसके साथ ही आपके पास मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टेक्नीशियन, वायरमैन या फिर अन्य ट्रेड में ITI का सर्टिफिकेट होना जरूरी है. कंपटीशन इतना बढ़ गया है इस पद के लिए इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री कर चुके छात्र भी आवेदन करते हैं.
इस पद के लिए आवेदन करने के लिए अधिकतम उम्र 30 साल होती है. ओबीसी, एससी और एसटी कैंडिडेट को आयु में छूट भी मिलती है.
रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा आयोजित लोको पायलट की लिखित परीक्षा में सामान्य विज्ञान, गणित, करंट अफेयर्स, रीजनिंग और सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे जाते हैं. नोटिफिकेशन में रेलवे सेलेब्स की डिटेल कॉपी भी शेयर करता है. इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती है. यानी हर गलत उत्तर पर आपके एक चौथाई नंबर काट लिए जाएंगे.
लिखित परीक्षा के बाद बारी आती है मेडिकल की. मेडिकल में सबसे जरूरी आंखों की जांच होती है. क्योंकि ट्रेन चलाते वक्त आंखों से साफ दिखाई देना बहुत ही जरूरी होता है. थोड़ी सी चूक के चलते हजारों जिंदगियां बर्बाद हो जाती हैं.
मेडिकल परीक्षा के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होता है. इस स्टेज में आपके शैक्षणिक प्रमाण पत्र, निवास, जाति और आधार कार्ड की मूल कॉपी देखी जाती है.
सब कुछ होने के बाद आपको ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको सहायक लोको पायलट के रूप में नियुक्त किया जाएगा.
ट्रेन ड्राइवर की शुरुआती सैलरी 30 से 35 हजार होती है. साल दर साल सैलरी में कुछ प्रतिशत का इजाफा भी होता है.