menu-icon
India Daily

आज ही के दिन इस कंपनी ने की थी 5 वर्क डे का सिस्टम की शुरूआत, जानें इसके पीछे की वजह और इतिहास

1 मई 1926 को फोर्ड मोटर कंपनी ने पांच दिन के कार्य सप्ताह की शुरुआत की, जिसने दुनिया भर की कार्य संस्कृति को बदल दिया. चलिए जानते है इसके पीछे क्या थी वजह.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
आज ही के दिन इस कंपनी ने की थी 5 वर्क डे का सिस्टम की शुरूआत, जानें इसके पीछे की वजह और इतिहास
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: दुनिया में आज जिस पांच दिन के कार्य सप्ताह को सामान्य माना जाता है, उसकी शुरुआत एक ऐतिहासिक फैसले से हुई थी. 1 मई 1926 को फोर्ड मोटर कंपनी  ने अपने कर्मचारियों के लिए हफ्ते में पांच दिन यानी 40 घंटे काम करने की नीति लागू की. यह कदम उस समय के औद्योगिक माहौल में एक क्रांतिकारी बदलाव माना गया.

इस पहल के पीछे कंपनी के संस्थापक हेनरी फोर्ड का बड़ा योगदान था. उन्होंने अपने कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां देने का निर्णय लिया. शुरुआत में यह नियम केवल फैक्ट्री कर्मचारियों पर लागू हुआ, लेकिन अगस्त 1926 से इसे कार्यालय कर्मचारियों तक भी बढ़ा दिया गया.

कंपनी ने पहले भी कौन-कौन से लिए बड़े फैसले?

फोर्ड कंपनी इससे पहले भी श्रमिकों के हित में कई बड़े फैसले ले चुकी थी. 1914 में जब बेरोजगारी और श्रमिक असंतोष बढ़ रहा था, तब हेनरी फोर्ड ने आठ घंटे की शिफ्ट के लिए न्यूनतम 5 डॉलर प्रतिदिन वेतन देने की घोषणा की. उस समय यह राशि औसत मजदूरी से लगभग दोगुनी थी. पहले श्रमिकों को नौ घंटे काम के लिए केवल 2.34 डॉलर मिलते थे. इस फैसले ने न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया बल्कि उत्पादन क्षमता में भी तेजी से वृद्धि हुई.

1916 में यह वेतन नीति महिला श्रमिकों पर भी लागू कर दी गई. इससे कंपनी में समानता और बेहतर कार्य वातावरण को बढ़ावा मिला. धीरे-धीरे फोर्ड की नीतियों ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को प्रभावित किया.

कब और क्यों लिया गया ये फैसला?

कार्य सप्ताह को छह दिन से घटाकर पांच दिन करने का विचार 1922 में ही सामने आ गया था. कंपनी के अध्यक्ष एडसेल फोर्ड ने उस समय कहा था कि हर व्यक्ति को परिवार और आराम के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए. उनका मानना था कि बेहतर जीवनशैली से कर्मचारी अधिक उत्पादक बनते हैं.

हेनरी फोर्ड ने इसका समर्थन करते हुए क्या कहा?

हेनरी फोर्ड ने भी इस बदलाव का समर्थन करते हुए कहा कि अवकाश को बेकार समय मानने की सोच बदलनी चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पांच दिन के कार्य सप्ताह का उद्देश्य उत्पादन को बेहतर बनाना था. कम समय में अधिक काम करने की अपेक्षा के साथ इस नीति को लागू किया गया.

फोर्ड के इस कदम का असर जल्द ही दुनिया भर की कंपनियों पर पड़ा. कई उद्योगों ने इसे अपनाया और सोमवार से शुक्रवार तक का कार्य सप्ताह एक मानक बन गया. आज दुनिया के अधिकांश देशों में पांच दिन का कार्य सप्ताह सामान्य रूप से लागू है और इसे आधुनिक कार्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.