'अगर फंड चाहिए तो…', न्यूयॉर्क में भारत-पाक मूल की जोड़ी पर भड़के ट्रंप, ममदानी को दी चेतावनी
न्यूयॉर्क के पहले भारतीय मूल के मुस्लिम मेयर जोहरान ममदानी ने पाकिस्तान मूल की लीना खान को ट्रांजिशन टीम की को-चेयर बनाया, जबकि ट्रंप ने उन्हें 'कम्युनिस्ट पागल' कहकर हमला बोला.
नई दिल्ली: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में पहली बार भारतीय मूल के मुस्लिम मेयर बने जोहरन क्वामे ममदानी इन दिनों चर्चा में हैं. 34 वर्षीय ममदानी ने यूके में जन्मी पाकिस्तानी-अमेरिकी लीना मलीहा खान को अपनी ऑल-वूमेन ट्रांजिशन टीम की सह-अध्यक्ष बनाया है.
ममदानी की यह ऐतिहासिक जीत जहां सामाजिक समानता की मिसाल मानी जा रही है, वहीं डोनाल्ड ट्रंप समेत अमेरिकी राजनीतिक वर्ग में नाराजगी की लहर है. ट्रंप ने उन्हें '100% कम्युनिस्ट लूनेटिक' कहकर निशाना बनाया है.
ममदानी के सामने न्यूयॉर्क की सख्त हकीकत
न्यूयॉर्क, जो दुनिया का सबसे अमीर नगर निगम वाला शहर है, अब एक समाजवादी सोच वाले मेयर के अधीन आने जा रहा है. करीब 112 अरब डॉलर के बजट वाले इस शहर की 25% फंडिंग संघीय और राज्य सरकार से आती है. ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि वे ममदानी की सरकार को मिलने वाली फंडिंग रोकने का प्रयास करेंगे. ममदानी का कहना है कि वे शहर की नीतियों को जनता के हित में बदलेंगे और अमीरों पर टैक्स बढ़ाकर खर्चों की पूर्ति करेंगे.
ट्रंप का गुस्सा और राजनीतिक हमला
ममदानी की जीत के तुरंत बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर निशाना साधते हुए कहा, 'वो जो भी हैं, एक कम्युनिस्ट हैं.' फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम में ट्रंप ने दावा किया कि न्यूयॉर्क अब 'संप्रभुता खो चुका' शहर बन गया है और उन्होंने चेतावनी दी कि वे इसे 'सुधारने' के लिए कदम उठाएंगे. ट्रंप ने यहां तक कहा कि न्यूयॉर्क अब उन लोगों के लिए जगह नहीं रहा जो 'कम्युनिज्म' से भागना चाहते हैं.
ऑल-वूमेन टीम और लीना खान की भूमिका
ममदानी ने आलोचकों के सामने एक मजबूत संदेश देने के लिए पूरी तरह महिलाओं की ट्रांजिशन टीम बनाई है. इसमें सबसे प्रमुख नाम लीना मलीहा खान का है, जो पहले बाइडेन प्रशासन में फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) की प्रमुख रह चुकी हैं. उन्होंने कॉरपोरेट मोनोपॉली के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था. खान ने ममदानी की जीत को 'कॉरपोरेट राजनीति की हार' बताया और कहा कि न्यूयॉर्क अब धनबल की नहीं, जनबल की राजनीति करेगा.
सोशलिस्ट एजेंडा और चुनौतियां
जोहरन ममदानी ने चुनाव अभियान के दौरान मुफ्त बस सेवा, किराया फ्रीज और सिटी-रन ग्रॉसरी स्टोर्स जैसी योजनाओं का वादा किया था. उनका कहना है कि शहर की समृद्धि केवल अमीरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. हालांकि, ट्रंप प्रशासन द्वारा संभावित फंडिंग कटौती उनकी योजनाओं के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. बावजूद इसके, ममदानी का दावा है कि वे एक 'जनता के शहर' की नई परिभाषा लिखेंगे.
'इंडिया-पाकिस्तान जोड़ी' पर विवाद
न्यूयॉर्क में भारत और पाकिस्तान मूल के नेताओं का यह संयोजन अमेरिकी दायें पंथी वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया का कारण बना है. MAGA समर्थक समूहों ने उन्हें 'आप्रवासी जोड़ी' कहकर निशाना बनाया है. सोशल मीडिया पर ट्रोल्स ने नस्लीय टिप्पणियां करते हुए एक मीम भी फैलाया, जिसमें ममदानी के नाम वाला विमान एक गगनचुंबी इमारत की ओर बढ़ता दिखाया गया. बावजूद इसके, न्यूयॉर्क के प्रवासी समुदायों में इस जोड़ी को एकता और नई उम्मीद का प्रतीक माना जा रहा है.