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ईरान-इजरायल महायुद्ध में 'हूती' की एंट्री से खौफ में दुनिया! जानें कौन है यमन का यह विद्रोही गुट, जो पलट सकता है जंग की बाजी

ईरान युद्ध के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं. आइए जानते हैं कि इनकी एंट्री से क्या होगा और क्यों लोगों में इनका इतना डर है...

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
ईरान-इजरायल महायुद्ध में 'हूती' की एंट्री से खौफ में दुनिया! जानें कौन है यमन का यह विद्रोही गुट, जो पलट सकता है जंग की बाजी
Courtesy: X

पश्चिम एशिया में धधक रही ईरान-इजरायल की आग के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने वैश्विक चिंताएं और ज्यादा बढ़ा दी हैं. लाल सागर में कमर्शियल जहाजों पर इनके लगातार हो रहे हमलों ने न सिर्फ ग्लोबल सप्लाई चेन को तहस-नहस कर दिया है, बल्कि इस महायुद्ध में एक नए और बेहद खतरनाक मोर्चे के खुलने का डर भी पैदा कर दिया है. अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नींद इस बात से उड़ी हुई है कि ईरान समर्थित यह गुट अगर पूरी तरह से जंग में उतरा, तो तबाही का दायरा कल्पना से परे होगा.

आखिर कौन हैं यमन के हूती विद्रोही?

हूती मुख्य रूप से यमन के उत्तरी इलाके का एक ताकतवर राजनीतिक और सशस्त्र गुट है. इस्लाम के जैदी शिया संप्रदाय से ताल्लुक रखने वाले इस समूह का नाम इसके नेतृत्वकर्ता हूती परिवार के नाम पर पड़ा है. 

अरब क्रांति के दौरान उठाया फायदा

साल 2011 की अरब क्रांति के दौरान यमन में मची राजनीतिक उथल-पुथल का फायदा उठाकर इन्होंने अपनी ताकत बढ़ाई और देश की राजधानी समेत एक बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लिया. शुरुआत में यमनी सेना से छिपकर गुरिल्ला युद्ध लड़ने वाले हूतियों को ईरान का मजबूत समर्थन मिला. आज ये एक ऐसी सैन्य ताकत बन चुके हैं, जिनके पास आधुनिक ड्रोन और लंबी दूरी की मारक बैलिस्टिक मिसाइलों का विशाल जखीरा मौजूद है.

लाल सागर बना युद्ध का नया अखाड़ा

अक्टूबर 2023 में गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से ही हूतियों ने आक्रामक रुख अपना लिया था. फिलिस्तीन के समर्थन के नाम पर उन्होंने लाल सागर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दी. इन हमलों को रोकने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन की नौसेनाओं ने यमन में हूती ठिकानों पर कई बड़ी एयरस्ट्राइक कीं, लेकिन इस विद्रोही गुट के तेवर ठंडे नहीं पड़े. वे आज भी लाल सागर के अहम व्यापारिक रूट पर अपना खौफ बनाए हुए हैं.

ईरान के इशारे पर वेट एंड वॉच की रणनीति

हूती के शीर्ष नेता अब्दुल मलिक अल-हूती खुले तौर पर चेतावनी दे चुके हैं कि उनकी उंगली हथियारों के ट्रिगर पर है. हालांकि, मौजूदा इजरायल-ईरान सीधे टकराव में इन्होंने अभी तक अपनी औपचारिक एंट्री का ऐलान नहीं किया है.

ईरान के साथ तालमेल

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हूती असल में ईरान के साथ कूटनीतिक तालमेल बिठाकर सही वक्त का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या किसी अन्य खाड़ी देश ने ईरान पर हमले के लिए लाल सागर या अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने दिया, तो हूती उन पर सीधा और विनाशकारी प्रहार करेंगे.