Vladimir Putin Plans Greyzone Invasion Of Poland: रूसी सेना में शीर्ष पद पर तैनात रहे और अब देश छोड़कर जाने वाले एक अधिकारी ने खुलासा हुआ है कि मॉस्को क्रिसमस से पहले पोलैंड पर 'ग्रेज़ोन' हमले की योजना बना रहा है. यह हमला नाटो को कमजोर करने और यूरोप में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए हो सकता है. इस खबर ने ब्रिटेन और अमेरिका में हलचल मचा दी है, क्योंकि रूस ने हाल ही में एस्टोनिया और पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है. नाटो ने जवाब में अपनी तैयारियों को और मजबूत करने का फैसला किया है.
नाटो की एकजुटता को परखने की कोशिश
अधिकारी ने खुलासा किया है कि क्रेमलिन क्रिसमस से पहले पोलैंड पर 'ग्रेज़ोन' हमले की साजिश रच रहा है. यह हमला परमाणु हथियारों के बिना, लेकिन नाटो की एकजुटता को परखने और यूरोप में अस्थिरता फैलाने के लिए हो सकता है. हाल के हवाई उल्लंघनों ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है.
पोलैंड पर खतरा
लंदन में हाल ही में हुए DSI हथियार मेले के दौरान एक पूर्वी यूरोपीय सहयोगी के जरिए यह खुफिया जानकारी सामने आई. सूत्रों के मुताबिक, रूस का यह हमला पोलैंड की सीमाओं पर केंद्रित होगा, जिसका मकसद नाटो की प्रतिक्रिया को परखना और यूरोप में राजनीतिक संकट पैदा करना है. रूसी सेना का एक मेजर जनरल, जो अब दलबदल कर चुका है, इस साजिश का खुलासा करने वाला मुख्य स्रोत है.
रूस की पोलैंड और एस्टोनिया में घुसपैठ
हाल ही में, रूस ने एस्टोनिया और पोलैंड के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की. एस्टोनिया में तीन मिग-31 लड़ाकू विमानों ने 12 मिनट तक उसकी हवाई सीमा का उल्लंघन किया, जिसे वहां के प्रधानमंत्री ने 'अभूतपूर्व' करार दिया. वहीं, पोलैंड के हवाई क्षेत्र में 19 ड्रोन भेजे गए, जिसे ब्रिटिश अधिकारियों ने नाटो क्षेत्र का सबसे गंभीर उल्लंघन बताया. रोमानिया में भी एक ड्रोन ने 10 किलोमीटर तक घुसकर 50 मिनट तक उड़ान भरी.
नाटो की प्रतिक्रिया
इस खतरे के जवाब में नाटो ने अपनी रक्षा तैयारियों को तेज कर दिया है. ब्रिटेन ने घोषणा की है कि आरएएफ टाइफून विमान पोलैंड में हवाई रक्षा अभियान शुरू करेंगे. ये विमान फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क और स्वीडन की सेनाओं के साथ मिलकर पूर्वी सीमा की निगरानी करेंगे. ब्रिटेन और अमेरिका इस खुफिया जानकारी का विश्लेषण कर रहे हैं और संभावित जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं.
बढ़ता तनाव और भविष्य
रूस की इन हरकतों ने नाटो के उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर दबाव बढ़ा दिया है. दलबदल करने वाले जनरल की चेतावनी ने यूरोप में सर्दियों के करीब आते ही नाटो की तैयारियों को और जरूरी बना दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की यह रणनीति नाटो की एकता को तोड़ने और यूरोप में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश है. नाटो अब इस चुनौती का सामना करने के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत कर रहा है.