पैंटी में निकल जाता था टॉयलेट, बीमारी को बनाया ताकत और बन गई दुनिया की पहली एडल्ड डायपर इंफ्लुएंसर

प्री को सिर्फ 19 साल की उम्र में मल्टीपल स्केलेरोसिस का पता चला था. इस बीमारी के कारण उन्हें अपने मूत्राशय (bladder) पर नियंत्रण रखने में कठिनाई होने लगी. इस बीमारी में इंसान का अपने मूत्र पर कंट्रोल नहीं रहता और वह पेंट में ही टॉयलेट कर लेता है.

Sagar Bhardwaj

आज हम एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी शारीरिक समस्या को अपनी ताकत बनाया और दुनिया की पहली एडल्ट डायपर इंफ्लुएंसर बनीं. 27 वर्षीय प्री (Pree) इंस्टाग्राम पर 6,000 से अधिक फॉलोअर्स के साथ एक जाना-माना नाम हैं. उनका ‘बम्बल प्री’ (Bumble Pree) नाम का एक यूट्यूब चैनल भी है जहां वे असंयम और मल्टीपल स्केलेरोसिस के साथ अपने जीवन के अनुभवों को साझा करती हैं.

मल्टीपल स्केलेरोसिस से शुरुआत
प्री को सिर्फ 19 साल की उम्र में मल्टीपल स्केलेरोसिस का पता चला था. इस बीमारी के कारण उन्हें अपने मूत्राशय (bladder) पर नियंत्रण रखने में कठिनाई होने लगी. शुरुआत में, उनके वीडियो दर्द, खानपान और शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी उनकी चुनौतियों के बारे में थे. उन्होंने बताया कि वे ऐसी किसी व्यक्ति को नहीं खोज पा रही थीं जो असंयम के बारे में खुलकर बात करता हो. तब उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें खुद ही वह व्यक्ति बनना होगा.

लोगों को आया पसंद
धीरे-धीरे प्री ने इस विषय पर खुलकर बात करना शुरू कर दिया और उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ने लगी. कुछ लोग जो ‘एडल्ट बेबी डायपर लवर’ (ABDL) समुदाय का हिस्सा थे, वे भी उनसे जुड़ने लगे. ABDL समुदाय के कुछ लोग डायपर में भावनात्मक आराम महसूस करते हैं, जबकि कुछ इसे कामुकता से भी जोड़ते हैं. प्री ने स्पष्ट किया कि वे डायपर को किसी कामुक भावना से नहीं जोड़ती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ABDL समुदाय के कई लोगों को असंयम की समस्या होती है.

इंफ्लुएंसर के रूप में पहचान
प्री की इस बेबाक बातों ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई. उन्हें इनकंट्रोल (InControl) जैसी कंपनियों से अनुबंध भी मिला, जो डायपर पहने युवतियों के डांस के वीडियो पोस्ट करती हैं. नॉर्थशोर (NorthShore) जैसी कंपनी ने भी प्री की इस खुलेपन के लिए उनकी प्रशंसा की. नॉर्थशोर के संस्थापक एडम ग्रीनबर्ग ने 2002 में इस कंपनी की स्थापना की थी जब उनके पिता कैंसर के बाद असंयम से पीड़ित हो गए थे. उन्होंने बताया कि उनके पिता को कैंसर से ज्यादा असंयम की चिंता थी.

पेशाब निकल जाना एक आम समस्या

एनएचएस इंग्लैंड (NHS England) के अनुसार, मूत्र असंयम, यानी अनजाने में पेशाब निकल जाना, लाखों लोगों को प्रभावित करता है. यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे खाँसी और हँसी के दौरान मूत्राशय पर दबाव, मूत्राशय को पूरी तरह से खाली न कर पाना या पेशाब करने की तीव्र इच्छा महसूस होते ही पेशाब का निकल जाना.

डायपर को डायपर कहना ज़रूरी
एडम ग्रीनबर्ग का मानना है कि असंयम से जुड़ी सामाजिक कलंक के कारण, एडल्ट डायपर को अलग-अलग नामों से बुलाने के बजाय उन्हें ‘एडल्ट डायपर’ ही कहना चाहिए. उनका कहना है कि ‘एडल्ट डायपर’ शब्द का इस्तेमाल न करना इस कलंक को और बढ़ाता है.

प्री की कहानी हमें सिखाती है कि अपनी समस्याओं को स्वीकार करना और उनके बारे में खुलकर बात करना कितना ज़रूरी है. उन्होंने न केवल अपनी समस्या का सामना किया, बल्कि दूसरों को भी इस बारे में बात करने के लिए प्रेरित किया.