Sudan Hospital Attack: सूडान में जारी गृह युद्ध के बीच, एक और भयावह घटना घटी है. सूडान के एल फाशेर शहर में स्थित एकमात्र कार्यशील अस्पताल पर हुए हमले में लगभग 70 लोगों की जान चली गई. यह हमला सऊदी टीचिंग मेटर्निटी अस्पताल पर हुआ, जो शहर के लोगों के लिए एकमात्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराता था. यह घटना रविवार, 26 जनवरी 2025 को हुई, और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की.
The appalling attack on Saudi Hospital in El Fasher, #Sudan, led to 19 injuries and 70 deaths among patients and companions. At the time of the attack, the hospital was packed with patients receiving care.
— Tedros Adhanom Ghebreyesus (@DrTedros) January 25, 2025
The attack comes at a time when access to health care is already…
WHO के निदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस हमले की जानकारी दी और बताया कि इस हमले में 70 लोगों की मौत हुई और 19 लोग घायल हुए. घायलों में अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके साथ आए लोग शामिल थे. स्थानीय अधिकारियों का आरोप है कि यह हमला रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) द्वारा किया गया था, जो सूडान के सैनिकों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं.
यह हमला उस समय हुआ जब अस्पताल में भारी संख्या में लोग इलाज के लिए मौजूद थे. सऊदी अस्पताल का स्थान संघर्ष क्षेत्र के करीब है, और यहां पहले भी गोलाबारी की घटनाएं हो चुकी हैं. बावजूद इसके, अस्पताल के डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की रोशनी में भी सर्जरी की है, जब अस्पताल पर गोलाबारी की जाती रही है.
एल फाशेर शहर, जो उत्तरदारफुर प्रांत की राजधानी है, मई 2024 से RSF द्वारा घेराबंदी में था. इस शहर में करीब एक मिलियन लोग निवास करते हैं, जिनमें से कई युद्ध के कारण विस्थापित हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2024 में बताया था कि इस घेराबंदी में 782 नागरिकों की जान चली गई थी और 1140 से अधिक लोग घायल हुए थे. हालांकि, संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों का मानना है कि ये आंकड़े और अधिक हो सकते हैं.
RSF ने हाल ही में सूडानी सेना से एल फाशेर शहर को खाली करने का 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था, जिससे शहर की स्थिति और भी बिगड़ गई है.
सूडान में 2019 में ओमार अल-बशीर के शासन के खिलाफ हुए जनआंदोलन के बाद से स्थिति अत्यधिक अस्थिर हो गई है. 2021 में जनरल अब्देल-फत्ताह बुरहान और RSF के जनरल मोहम्मद हमदान दागलो के मिलकर सेना द्वारा की गई तख्तापलट के बाद से युद्ध और हिंसा बढ़ती ही जा रही है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस संघर्ष को रोकने के लिए कई प्रयास किए हैं, लेकिन फिलहाल इसमें सफलता नहीं मिली है.
WHO के निदेशक डॉ. घेब्रेयेसस ने अस्पताल पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि सूडान में चिकित्सा सेवाओं पर हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है. उन्होंने युद्ध की समाप्ति और शांति की आवश्यकता पर भी जोर दिया, क्योंकि शांति ही सूडान के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दवा है.