नई दिल्ली: वेनेजुएला ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसकी राजधानी काराकास समेत चार शहरों में हवाई हमले किए हैं. स्थानीय मीडिया के अनुसार कुल सात जगहों पर रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है. वेनेजुएला सरकार का कहना है कि यह हमला अमेरिका की तरफ से किया गया है, हालांकि अमेरिका ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. इन हमलों के बाद लैटिन अमेरिका में एक बार फिर भू राजनीतिक तनाव तेज हो गया है.
इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि अमेरिका ने अचानक वेनेजुएला पर हमला क्यों किया. जबकि एक समय ऐसा भी था जब अमेरिका वेनेजुएला से भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता था और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत थे. जानकारों का मानना है कि ड्रग्स और लोकतंत्र की बातें सिर्फ कारण बताने के लिए हैं, जबकि असली विवाद तेल और उसके नियंत्रण को लेकर है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले कह चुके हैं कि वेनेजुएला से अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी होती है और अवैध प्रवासी भी बड़ी संख्या में आते हैं. अमेरिका का यह भी आरोप है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता में आने के बाद वेनेजुएला में लोकतंत्र कमजोर हुआ है. इसी वजह से अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे.
फरवरी 2021 की यूनाइटेड स्टेट गवर्नमेंट अकाउंटबिलिटी ऑफिस की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018 में अमेरिका हर दिन करीब पांच लाख बैरल कच्चा तेल वेनेजुएला से आयात करता था. यह अमेरिका के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग छह दशमलव पांच प्रतिशत था. वेनेजुएला का भारी तेल अमेरिकी रिफाइनरियों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता था.
2017 से 2019 के बीच अमेरिका ने वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए पर कई सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए. अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला से तेल खरीदने से रोक दिया गया. इसका नतीजा यह हुआ कि 2020 तक अमेरिका ने वेनेजुएला से तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर दिया.
इसके बाद वेनेजुएला ने चीन, रूस और ईरान जैसे देशों को रियायती दरों पर तेल बेचना शुरू किया. इस फैसले से अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में और कड़वाहट आ गई. राष्ट्रपति मादुरो ने आरोप लगाया कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर पूरा नियंत्रण चाहता है.
ड्रग्स के नाम पर अमेरिका पहले भी कार्रवाई करता रहा है. 2018 में कई वेनेजुएला अधिकारियों पर नारकोट्रैफिकिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए. मार्च 2020 में मादुरो समेत कई वरिष्ठ नेताओं पर अभियोग दायर किया गया. 2025 में जहाज और डॉक क्षेत्र पर हुए हमलों को भी ड्रग्स नेटवर्क से जोड़ा गया. अब ताजा हवाई हमलों ने इस संघर्ष को और गहरा कर दिया है.