रातभर पंखा चलाकर सोने से हो सकती है मौत! दक्षिण कोरिया की ये मान्यता कर देगी हैरान; जानें Fan Death की कहानी

दक्षिण कोरिया में लंबे समय तक बंद कमरे में रातभर पंखा चलाकर सोने से मौत होने की मान्यता रही, जिसे Fan Death कहा गया. इसके पीछे हाइपोथर्मिया और सांस रुकने जैसी धारणाएं बताई जाती थीं, लेकिन इनका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: गर्मी की रात में पंखे के बिना सोना भारत में मुश्किल माना जाता है, लेकिन दक्षिण कोरिया में लंबे समय तक रात में पंखा चलाकर सोने को लेकर एक अजीब डर लोगों के बीच प्रचलित रहा. इसे Fan Death यानी पंखे से मौत की मान्यता कहा जाता है. इस धारणा के मुताबिक, बंद कमरे में रातभर पंखा चलाकर सोने से व्यक्ति की मौत हो सकती है.

इस मान्यता के पीछे कई तरह की धारणाएं बताई जाती थीं. कुछ लोगों का मानना था कि लगातार पंखा चलने से कमरे का तापमान बहुत कम हो सकता है और इससे शरीर हाइपोथर्मिया की स्थिति में पहुंच सकता है. वहीं कुछ लोगों को डर था कि बंद कमरे में पंखा चलाने से हवा में ऑक्सीजन कम हो सकती है या सांस लेने में परेशानी हो सकती है. हालांकि, पंखा चलाकर सोने से स्वस्थ व्यक्ति की मौत हो जाती है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

दक्षिण कोरिया में इस मान्यता का असर 

दक्षिण कोरिया में इस मान्यता का असर इतना ज्यादा था कि वहां बिकने वाले कई पंखों में टाइमर की सुविधा दी जाती रही. लोग रात में सोते समय पंखे को कुछ घंटों के लिए सेट कर देते थे, ताकि वह अपने आप बंद हो जाए. इस तरह पंखे का इस्तेमाल गर्मी से राहत के साथ-साथ एक तरह के डर से जुड़ गया.


Fan Death की चर्चा

Fan Death की चर्चा की जड़ें कई दशक पुरानी बताई जाती हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया में इससे जुड़ी शुरुआती खबरें 1970 के दशक में सामने आई थीं. उस समय देश ऊर्जा संकट और बिजली की बढ़ती कीमतों जैसी समस्याओं से जूझ रहा था. इसी दौर में रातभर पंखा चलाने को लेकर तरह-तरह की बातें लोगों के बीच फैलने लगीं.

रिपोर्ट्स में क्या आया सामने?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पंखे के पास सोने वाले लोगों की मौत को Fan Death से जोड़ा गया. इससे लोगों के बीच यह धारणा और मजबूत हुई कि बंद कमरे में पंखा चलाना खतरनाक हो सकता है. हालांकि, यह साबित नहीं हुआ कि इन मौतों का कारण वास्तव में पंखा था.

यह दावा भी सीधे तौर पर साबित नहीं है कि दक्षिण कोरियाई सरकार ने जानबूझकर Fan Death की कहानी फैलाई थी. हालांकि, ऊर्जा संकट के दौर में बिजली बचाने की जरूरत थी और सरकारी प्रचार तथा मीडिया रिपोर्टिंग ने इस तरह की मान्यताओं को मजबूत करने में भूमिका निभाई हो सकती है.

आज वैज्ञानिक जानकारी और इंटरनेट के दौर में दक्षिण कोरिया की नई पीढ़ी इस धारणा पर सवाल उठाती है. आधुनिक विज्ञान के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में पंखा कमरे की ऑक्सीजन खत्म नहीं करता और न ही सिर्फ पंखा चलने से किसी स्वस्थ व्यक्ति की मौत होती है. इसलिए Fan Death को वैज्ञानिक तथ्य के बजाय दक्षिण कोरिया की एक चर्चित आधुनिक लोक मान्यता माना जाता है.