कौन हैं सीनेटर जॉन ओसॉफ जिन्हें कहा जा रहा अमेरिका का भावी राष्ट्रपति? ओबामा से होती है तुलना

ओसॉफ शायद इस साल फिर से चुनाव लड़ रहे उन डेमोक्रेट्स में से थे जिनकी सीट सबसे ज्यादा खतरे में थी. वह एक ऐसे राज्य में अपनी सीट बचाने की कोशिश कर रहे थे जहां 2024 में ट्रंप की जीत हुई थी.

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Sagar Bhardwaj

ड्रेमोक्रेट सीनेटर जॉन ओसॉफ जब 2021 में जॉर्जिया से पहली बार जीतकर अमेरिकी सीनेट पहुंचे थे तो राजनीतिक एक्सपर्ट्स ने उन्हे एक्सीडेंटल सीनेटर कहा था, क्योंकि वे बहुत ही कम अंतर से जीते थे लेकिन मिडटर्म चुनाव में एक बार फिर से जीतकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वह कोई एक्सीडेंटल सीनेटर नहीं है. इस जीत ने ओसॉफ को पार्टी का सबसे चर्चित उभरता हुआ सितारा बना दिया है. इसके साथ ही उनके साल 2028 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की चर्चाओं को भी हवा मिल रही है. सबसे खास बात ये है कि उनकी तुलना बराक ओबामा से की जाती है.

राष्ट्रपति चुनाव लड़ने में दिलचस्पी नहीं

ओसॉफ को भले ही अमेरिका के भावी राष्ट्रपति के तौर पर देखा जा रहा हो लेकिन 39 साल के इस नेता का कहना है कि उन्हें राष्ट्रपति चुनाव लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है लेकिन जॉर्जिया में उनकी जीत डेमोक्रेटिक पार्टी में उनकी स्थिति को और मजबूत करती है. बता दें कि मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है. यहूदी मूल के ओसॉफ ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं और उनकी इस जीत को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

ओसॉफ शायद इस साल फिर से चुनाव लड़ रहे उन डेमोक्रेट्स में से थे जिनकी सीट सबसे ज्यादा खतरे में थी. वह एक ऐसे राज्य में अपनी सीट बचाने की कोशिश कर रहे थे जहां 2024 में ट्रंप की जीत हुई थी. सीनेट पर नियंत्रण हासिल करने के लिए उनका जीतना बहुत जरूरी था और जॉर्जिया के मतदाताओं ने उन्हें निराश नहीं किया.


ओबामा से क्यों होती है तुलना

दरअसल, कई लोग उनके जबरदस्त चुनाव प्रचार और भाषण देने की कला की तारीफ करते हैं जिसके कारण उनकी तुलना ओबामा से होती है. ब्रिटेन की एक खोजी डॉक्युमेंट्री बनाने वाली कंपनी में काम करने वाला यह शख्स आज अमेरिका के भावी राष्ट्रपति के तौर पर देखा जा रहा है.

मिडटर्म चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप पर जमकर हमला बोला. उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया. उन्होंने ट्रंप और उनके सहयोगियों को 'एपस्टीन क्लास' और 'मार-ए-लागो माफिया' कहा जिनके वीडियो क्लिप्स पर खूब मीम्स बने.

ट्रंप को एक असफल और कमजोर राष्ट्रपति बताते हुए ओसॉफ ने कहा कि अमेरिकी जनता ने इस सनकी रिपब्लिकन नेता की नैतिक पतन, भ्रष्टाचार और अक्षमता को खारिज कर दिया है.

अटलांटा में अपनी चुनावी जीत की पार्टी में उन्होंने कहा, 'पिछले दो सालों में हमने फिर से यह साबित किया है कि हमारा काम सिर्फ किसी एक राष्ट्रपति की बुराइयों को रोकना नहीं है बल्कि समाज में आई दरानों को भरना और उसे ठीक करना भी है.'

कौन हैं जॉस ओसॉफ

16 फरवरी 1987 में अटलांटा में जन्मे ओसॉफ एक यहूदी परिवार से आते हैं.  ओसॉफ ने कई बार बताया कि वह ऐसे रिश्तेदारों में पले-बढ़े हैं जो होलोकॉस्ट यानी यहूदियों के नरसंहार से बच गए थे.

ओसॉफ का राजनीतिक सफर काफी कम उम्र में ही शुरू हो गया था. 17 साल की उम्र में नागरिक अधिकार नेता और जॉर्जिया के कांग्रेस सदस्य जॉन लुईस की आत्मकथा पढ़ने के बाद, ओसॉफ ने उन्हें एक पत्र लिखकर उनके साथ काम करने का मौका मांगा. लुईस ने उन्हें इंटर्नशिप का प्रस्ताव दिया और फिर लुईस ओसॉफ के मार्गदर्शनक बन गए.

बता दें कि ओबामा के राजनीतिक करियर को आकार देने में लुईस ने अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने 1960 के दशक में नागरिक अधिकार आंदोलन में लुईस के नेतृत्व ने युवा ओबामा को कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर बनने के लिए प्रेरित किया था और उसके बाद ओबामा कहां पहुंचे दुनिया जानती है.

अपनी ग्रेजुएशन और मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए खोजी पत्रकारिता और डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के भी काम किया. 2013 में वह लंदन स्थित इनसाइट TWI नाम की एक खोजी फिल्म कंपनी के CEO भी बने. यह कंपनी भ्रष्टाचार, युद्ध अपराधों और मानव तस्करी जैसी कहानी पर काम करती थी. 2017 में उन्होंने पूर्णकालिक राजनीति में आने के लिए कंपनी छोड़ दी. हालांकि, पहली बार में वह चुनाव हार गए. इस हार से वह विचलित नहीं हुए. 2021 में उन्होंने जॉर्जिया से फिर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.

उनकी छवि और अंदाज काफी हद तक ओबामा से मिलते हैं. ओबामा की तरह ही वह बेहतरीन वक्ता, मध्यमार्गी और प्रगतिशील विचारधारा वाले हैं. इसलिए उन्हें अगला ओबामा कहा जाता है.

जॉर्जिया में ओसॉफ की शानदार जीत ने 2028 के राष्ट्रपति चुनावों में उनकी दावेदारी की अटकलों को और तेज कर दिया है. अब देखना होगा कि वह अपनी दावेदारी पेश करते हैं या नहीं.