कौन हैं निकोलस मादुरो? वेनेजुएला के राष्ट्रपति जिन्हें US ने हमले के बाद पकड़ा
अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सीलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया. इसको अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर शेयर किया.
नई दिल्लीः अमेरिकी सेना ने आखिरकार वेनेजुएला पर हमला बोल दिया. राजधानी काराकस में शनिवार सुबह तड़के तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई. इन धमाकों की आवाज से पूरा देश में सिर्फ यही गूंज सुनाई दे रही है. कई लोगों का कहना है कि क्या एक भूख से तड़प रहे देश पर हमला करने का कारण क्या हो सकता है.
इसी बीच अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सीलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया. इसको अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार सुबह वेनेजुएला पर "बड़े पैमाने पर हमले" के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर एक नाटकीय पोस्ट में शेयर किया. आईए जानते हैं कि निकोलस मादुरो कौन हैं और उनको अमेरिका ने क्यों अपना निशाना बनाया.
ट्रंप ने पोस्ट में यह लिखा
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिन्हें उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है." ट्रंप ने आगे कहा, "यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर किया गया था" और बताया कि आगे की जानकारी मारा-ए-लागो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेयर की जाएगी. वेनेजुएला के अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है.
सात विस्फोटों की सूचना मिली
काराकास में कई विस्फोटों के बाद यह घोषणा हुई, जिसमें राजधानी के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते विमान देखे गए. कम से कम सात विस्फोटों की सूचना मिली. वहीं अन्य लोगों ने ऑनलाइन फुटेज और विवरण शेयर किए. हमले आधे घंटे से भी कम समय तक चले, हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में घंटों बाद भी बिजली नहीं थी.
कौन हैं निकोलस मादुरो?
- 1962 में काराकास में जन्मे, मादुरो ने अपने कामकाजी जीवन की शुरुआत एक बस ड्राइवर और मेट्रो यूनियन नेता के रूप में की.
- ह्यूगो शावेज के करीबी सहयोगी के रूप में वेनेजुएला के वामपंथी राजनीतिक आंदोलन में आगे बढ़े.
- 2006 से 2013 तक विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया, ALBA और CELAC जैसे क्षेत्रीय गुटों को स्थापित करने में मदद की.
- 2012 में उपराष्ट्रपति नियुक्त हुए और 2013 में शावेज की मृत्यु के बाद अंतरिम राष्ट्रपति बने.
- 2013 में एक कड़े मुकाबले वाले चुनाव में जीत हासिल की और धोखाधड़ी के बार-बार आरोपों के बीच सत्ता में बने रहे.
- उनके शासनकाल में प्रतिबंध, आर्थिक पतन, बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय अलगाव देखा गया है.