कहां हैं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई? रूसी दूत ने बताई लेटेस्ट लोकेशन

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पद संभालने के बाद से मीडिया में नजर नहीं आए हैं. इसी बीच रूसी दूत एलेक्सी डेडोव ने उनके लेटेस्ट लोकेसन का खुलासा कर दिया है.

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Shanu Sharma

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद से कभी भी सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है. हालांकि उनके संदेश को राष्ट्रीय टेलीविजन पर पढ़ा गया, जिसके बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अफवाहें उठने लगी. इसी बीच ईरान में रह रहे रूस के राजदूत एलेक्सी डेडोव ने उनके बारे में जानकारी दी है. 

एलेक्सी डेडोव ने कहा कि मोजतबा खामेनेई ईरान में ही हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ कारणों से 'समझने लायक कारणों' से वह सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं. रूसी राजदूत के इस बयान ने उन अफवाहों पर लगाम लगाने की कोशिश की है जो पिछले कई दिनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में फैली हुई थीं.

अपने पिता की जगह पर बैठे मौजतबा

मोजतबा ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह ली, जो 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए थे. अमेरिकी ने लगातार दावा किया है कि नए सुप्रीम लीडर खुद भी घायल हुए हैं और संभवतः उनका चेहरा बिगड़ गया है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि मोजतबा खामेनेई को इलाज के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर मॉस्को ले जाया गया था. इसी बीच रूस के राजदूत ने बताया कि मोजतबा ईरान में ही है.

ईरान और रूस के बीच गहरे राजनयिक संबंध हैं. मोजतबा खामेनेई की लगातार गैरमौजूदगी के बावजूद ईरान में इस्लामी शासन के प्रति वफादार लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है. पिछले महीने हजारों लोग सड़कों पर उतरे और नए नेता के प्रति अपनी वफादारी जताई. यह प्रदर्शन एकजुटता का नारा बन गया.  

क्या खत्म होने वाला है जंग?

ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच शुरू हुए जंग को अब एक महीना से ऊपर हो चुका है. ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में दुश्मन के ठिकानों पर जवाबी हमले कर अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है. हालांकि इस जंग का दुष्परिणाम पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है. महंगाई काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस जंग को खत्म करवाने के लिए पाकिस्तान और चीन मध्यस्थता कर रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कल यानी 2 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन देंगे, जिसमें इस युद्ध को खत्म करने का भी ऐलान किया जा सकता है.