भारतीय गगनयात्री शुभांशु शुक्ला एक्सियम मिशन 4 के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हो गए हैं. उनके साथ तीन अन्य एस्ट्रोनॉट भी स्पेस स्टेशन जा रहे हैं. उन्होंने अंतरिक्ष में पहुंचते ही देश के लिए पहला मैसेज भेजा. उन्होंने कहा कि क्या सफर था. मेरे कंधों पर लगा तिरंगा मुझे बता रहा है कि मैं आप सबके साथ हूं. ये अंतरिक्ष से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के पहले शब्द हैं.
उन्होंने कहा कि इस समय हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पृथ्वी के चारों तरफ घूम रहे हैं. एक्सिओम-4 मिशन के भाग के रूप में स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्षयान के प्रक्षेपण के कुछ ही मिनटों बाद बोलते हुए शुक्ला ने कहा, भारत 41 वर्षों के बाद अंतरिक्ष में वापस आया है और उन्होंने इसे भारत के पहले मानव अंतरिक्ष यान मिशन, गगनयान की शुरुआत बताया.
Nothing like a liftoff 🚀@Axiom_Space's #Ax4 mission, riding atop a @SpaceX Falcon 9 rocket, launched from @NASAKennedy at 2:31am ET (0631 UTC). pic.twitter.com/RuvVZ9shT6
— NASA (@NASA) June 25, 2025
शुभांशु शुक्ला इस मिशन में एक मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में शामिल हैं. उनके साथ मिशन कमांडर ऐनी मैकक्लेन (नासा), पायलट निखोलाय चब (रूस), और मिशन स्पेशलिस्ट किरण जॉर्ज (ऑस्ट्रेलिया) हैं. यह चार सदस्यीय दल ISS पर 14 से 20 दिनों तक रहेगा, जहां वे वैज्ञानिक प्रयोग, तकनीकी प्रदर्शन और अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़े कार्य करेंगे.
शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी टेस्ट पायलट हैं, जिन्हें 2024 में इसरो और नासा के सहयोग से गगनयान मिशन के लिए चुना गया था. उनकी यह उड़ान भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन, गगनयान, के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है. शुभांशु ने बेंगलुरु में इसरो के अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र और नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में कठिन प्रशिक्षण लिया है.