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'हमने शानदार प्रगति की', स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ हाई लेवल मीटिंग पर जेडी वेंस का बड़ा बयान

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सकारात्मक प्रगति का दावा किया है. दोनों पक्ष कई अहम मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के प्रयास में जुटे हैं.

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Sagar Bhardwaj

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में स्विट्जरलैंड में नई पहल शुरू हुई है. इस उच्चस्तरीय वार्ता में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. बातचीत के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं और दोनों पक्षों के बीच संवाद आगे बढ़ रहा है. हालांकि कुछ संवेदनशील विषयों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं, लेकिन कूटनीतिक प्रयासों ने नई उम्मीद जगाई है.

जेडी वेंस ने जताई संतुष्टि

वार्ता के बाद जेडी वेंस ने कहा कि बैठकों के दौरान कई मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई और कुछ क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली. उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत का माहौल रचनात्मक रहा. हालांकि लेबनान और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े विषयों पर अभी भी दोनों देशों के बीच अलग-अलग दृष्टिकोण मौजूद हैं. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि संवाद जारी रहने से जटिल मुद्दों के समाधान की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं.

कतर और पाकिस्तान की अहम भूमिका

कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि स्विट्जरलैंड में आयोजित इस शिखर बैठक का उद्देश्य व्यापक और स्थायी समझौते की दिशा में रास्ता तैयार करना है. कतर और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं. इसके लिए विशेषज्ञों और तकनीकी अधिकारियों के अलग-अलग समूह भी बनाए गए हैं, जो संभावित समझौते के विभिन्न पहलुओं पर काम करेंगे. मध्यस्थ देशों का मानना है कि बातचीत ही विवादों के समाधान का सबसे प्रभावी तरीका है.


परमाणु कार्यक्रम पर रहेगा फोकस

बैठक के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख एजेंडा में शामिल हैं. अमेरिका चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को ईरान की परमाणु सुविधाओं तक पहुंच मिले. वॉशिंगटन का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूद चिंताओं को कम करने में मदद मिलेगी. यह कदम भविष्य में भरोसे का माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

आर्थिक राहत पर भी चर्चा

रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका कुछ मानवीय राहत उपायों पर विचार कर सकता है. इसमें कतर में जमा ईरान की जमी हुई निधियों तक सीमित पहुंच देने का प्रस्ताव शामिल बताया जा रहा है. इन संसाधनों का उपयोग खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए किया जा सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि वार्ता इसी दिशा में आगे बढ़ती रही तो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है.