'हमने होर्मुज पार कर लिया है...', मौत से कुछ घंटे पहले भारतीय इंजीनियर हेरंब करमरकर ने परिवार वालों को दिया था संदेश
ओमान के तट के पास साइप्रस के झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हुए हमले में पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत हो गई. परिवार के मुताबिक, उन्होंने अंतिम संदेश में बताया था कि जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है.
ओमान के तट के पास साइप्रस के झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हुए हमले में भारतीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि हो गई है.
महाराष्ट्र के पुणे निवासी 30 वर्षीय हेरंब ने अपनी मौत से कुछ समय पहले परिवार को संदेश भेजकर बताया था कि उनका जहाज होर्मुज सुरक्षित पार कर चुका है और अब खतरा टल गया है.
परिवार ने भारत सरकार से लगाई भावुक अपील
हेरंब उन भारतीय चालक दल के सदस्यों में शामिल थे जो रविवार को हुए हमले के बाद लापता बताए गए थे. बाद में उनके परिवार को उनकी मौत की सूचना मिली, जिससे पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई. हेरंब करमरकर के ससुर विवेक टंडन ने कहा कि उनका दामाद महज 30 वर्ष का था और उसका पूरा जीवन आगे पड़ा था. उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि हेरंब का शव सम्मानपूर्वक भारत लाया जाए ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके. उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराए.
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विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर सवार भारतीय चालक दल के 10 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक की तलाश अभी भी जारी है. ओमान में भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन, जहाज प्रबंधन और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है. खोज और बचाव अभियान में भारतीय अधिकारियों की ओर से भी लगातार समन्वय किया जा रहा है.
भारत ने समुद्री सुरक्षा पर उठाए सवाल
भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं. सरकार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. हमला उस समय हुआ जब जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से गुजर रहा था. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.