IDF का ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर हुआ क्रैश, लिफ्टिंग के दौरान टूटा हार्नेस; खौफनाक मंजर का वीडियो देखकर अटक जाएगी सांसें

इजरायल के गश एत्जियन इलाके में ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर को रिकवर करने के दौरान बड़ा हादसा हुआ. खराब मौसम में पहले आपात लैंडिंग कर चुके हेलिकॉप्टर को उठाते समय हार्नेस टूट गया और वह जमीन पर गिर पड़ा.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: इजरायल डिफेंस फोर्सेज के एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के साथ गुरुवार सुबह उस वक्त हादसा हो गया, जब सेना उसे रिकवर करने की कोशिश कर रही थी. यह हेलिकॉप्टर कुछ दिन पहले खराब मौसम के कारण आपात लैंडिंग करने पर मजबूर हुआ था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ.

इजरायली सेना के मुताबिक, यह ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर मंगलवार को गश एत्जियन इलाके में उड़ान के दौरान गंभीर मौसम की चपेट में आ गया था. तेज हवाओं और खराब दृश्यता के कारण पायलट को एक खुले इलाके में आपात लैंडिंग करनी पड़ी. लैंडिंग सुरक्षित रही और उस समय किसी तरह का नुकसान या चोट दर्ज नहीं की गई.

रिकवरी ऑपरेशन के दौरान दुर्घटना

गुरुवार सुबह सेना ने हेलिकॉप्टर को एयरलिफ्ट कर वहां से हटाने का फैसला किया. इसी दौरान जब हेलिकॉप्टर को हार्नेस के जरिए ऊपर उठाया जा रहा था, तभी अचानक हार्नेस टूट गया. संतुलन बिगड़ते ही हेलिकॉप्टर नीचे गिर गया और एक रिहायशी इलाके के पास आकर क्रैश हो गया.

कोई हताहत नहीं, बड़ा नुकसान टला

सेना और स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि हादसे के वक्त इलाके में मौजूद किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई. जिस जगह हेलिकॉप्टर गिरा, वहां पास में एक घर था, लेकिन सौभाग्य से किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा. सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया.

जांच के आदेश, सेना सतर्क

इजरायली वायुसेना प्रमुख मेजर जनरल टोमर बार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सैन्य जांच समिति के गठन का आदेश दिया है. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, समिति यह पता लगाएगी कि हार्नेस क्यों टूटा और क्या तकनीकी या मानवीय लापरवाही इसमें शामिल थी. जांच पूरी होने तक ऐसे सभी ऑपरेशनों की समीक्षा की जा रही है.

IAF में ब्लैक हॉक की भूमिका

ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर को इजरायली वायुसेना में यानशुफ कहा जाता है, जिसका हिब्रू में अर्थ उल्लू होता है. इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल सैनिकों की आवाजाही, आपूर्ति मिशन और सैन्य अभियानों के दौरान जवानों को उतारने और निकालने के लिए किया जाता है. यह हेलिकॉप्टर सेना के सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म में गिने जाते हैं.

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में सुरक्षा हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं. सेना का कहना है कि जांच के नतीजों के आधार पर भविष्य की प्रक्रियाओं में जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि इस तरह की घटनाओं से दोबारा बचा जा सके.