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India Daily

वेनेजुएला भूकंप से 235 की मौत, 4,300 से अधिक घायल; मलबे में अब भी जिंदगी की तलाश

वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भीषण भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है. मृतकों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हजारों लोग अब भी लापता हैं और बचाव अभियान लगातार जारी है.

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Edited By: Shanu Sharma
वेनेजुएला भूकंप से 235 की मौत, 4,300 से अधिक घायल; मलबे में अब भी जिंदगी की तलाश
Courtesy: AI

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है. बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इन झटकों को पिछले एक सौ वर्षों में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जा रहा है. इमारतें पलभर में जमींदोज हो गईं, सड़कें टूट गईं और कई शहरों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 235 हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

मलबे के नीचे फंसे लोग

भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है. कई स्थानों पर स्थानीय लोग भी बचावकर्मियों के साथ मिलकर हाथों और फावड़ों की मदद से मलबा हटाकर लोगों को खोजने में जुटे हैं. सरकारी प्रसारण में एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जिसमें कंक्रीट के भारी स्लैब के नीचे फंसी एक महिला को कई घंटे की मशक्कत के बाद जीवित बाहर निकाला गया.

बचाव दल को पहले उसका केवल एक पैर दिखाई दिया था, जिसके आधार पर पूरी सावधानी से अभियान चलाया गया और आखिरकार महिला को सुरक्षित निकाल लिया गया. हालांकि बचाव अभियान जारी है, लेकिन कई प्रभावित परिवारों ने सरकारी सहायता में देरी का आरोप लगाया है.

काराकस सबसे ज्यादा प्रभावित

राजधानी काराकस के आसपास के इलाकों में लोगों का कहना है कि भारी मशीनरी समय पर नहीं पहुंची, जिसके कारण शुरुआती घंटों में पड़ोसियों को ही अपने स्तर पर राहत कार्य करना पड़ा. आपदा प्रभावित क्षेत्रों में दर्दनाक दृश्य लगातार सामने आ रहे हैं. कहीं परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में मलबे के ढेरों के बीच भटक रहे हैं तो कहीं मृतकों के शवों को अंतिम विदाई दी जा रही है. तटीय राज्य ला गुएरा सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है. यहां स्थित देश का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते उसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा. इससे राहत सामग्री और बचाव दलों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है.