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पोलैंड में मिला Vampire के बच्चे का स्केलटन! मरने के बाद जिंदा होने से रोकने के लिए करते थे ऐसा काम

नई दिल्ली : पोलैंड के एक कब्रिस्तान में एक वैम्पायर के बच्चे के कुछ भयानक अवशेष मिले हैं जिसे आर्कियॉलाजिस्ट जांच कर रहे हैं. वैम्पायर को आम बोलचाल की भाषा में वो दानव कहते हैं जो खून पीकर जिंदा रहता है.

Vineet Kumar
Edited By: Vineet Kumar
पोलैंड में मिला Vampire के बच्चे का स्केलटन! मरने के बाद जिंदा होने से रोकने के लिए करते थे ऐसा काम

नई दिल्ली : पोलैंड के एक कब्रिस्तान में एक वैम्पायर के बच्चे के कुछ भयानक अवशेष मिले हैं जिसे आर्कियॉलाजिस्ट जांच कर रहे हैं. वैम्पायर को आम बोलचाल की भाषा में वो दानव कहते हैं जो खून पीकर जिंदा रहता है. पोलैंड के पिएन गांव में ऑर्कियॉलाजिस्ट की टीम 17वीं शताब्दी के कंकालों के अवशेषों की जांच करने पहुंची थी जहां पर उन्हें ये कंकाल मिला.

कंकाल के पैरों में लगा था ताला

इस कंकाल का मुंह नीचे की तरफ था और ये वापस जिंदा न हो जाए इसके लिए इसके पैरों में एक ताला भी लगाया हुआ था. रिसर्चर्स के अनुसार वैम्पायर के इस बच्चे की उम्र करीब 5 से 7 साल होगी. बच्चे की कब्र के पास ही रिसर्चर्स को 3 अन्य बच्चों की हड्डियों का भंडार मिला और साथ ही हरे रंग से सना हुआ एक जबड़ा भी मिला. इसके साथ ही एक गर्भवती महिला के अवशेष भी मिले थे.

इस वजह से शव में लगाया जाता था ताला

यूनिवर्सिटी ऑफ निकोलस कोपरनिकस के ऑर्कियॉलाजिस्ट डेरियस पोलिंस्की ने कहा, 'शव के पैरों में लगा ताला जीवन के एक अध्याय के अंत का प्रतीक माना जाता है. इसका उद्देश्य मरे हुए के जिंदा लोगों के बीच वापसी करने से रोकना है जिसकी शायद उन्हें आशंका थी. ऐसी चीजें लोगों की मान्यताओं की वजह से जन्म लेती और कभी-कभी इन्हें वैम्पायर से खुद को बचाने के तरीके के रूप में भी देखा जाता था.'

शव के पास ही मिला हरे रंग का जबड़ा

पेलेंस्की ने आगे बात करते हुए बताया कि तब के रीति-रिवाजों में यह माना जाता था कि अगर मरे हुए इंसान को मुंह के बल दफनाया जाए तो वो जिंदा लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाता है. यूनिवर्सिटी की मैग्डेलेना जग्रोडज्का ने गर्भवती महिला के शव पर बात करते हुए कहा कि महिला का भ्रूण लगभग 5-6 महीने की उम्र का था और यह हैरानी की बात कि क्योंकि इस उम्र के बच्चों की हड्डियों को आमतौर पर दफनाया नहीं जा सकता है. वहीं रिसर्चर्स का मानना है कि हरे रंग का जबड़ा मुंब में तांबे का सिक्का रखने की वजह से आया होगा.

पिछले साल मिला था फीमेल वैम्पायर का शव

गौरतलब है कि यह सारी रिसर्च उस जगह पर की गई जहां पिछले साल कुछ ऑर्कियालॉजिस्ट को एक फीमेल वैम्पायर के अवशेष मिले थे. जहां ये अवशेष मिले वो इस महिला वैम्पायर के शव से महज 5 फीट की दूरी पर थे. माना जाता था कि यह महिला वैम्पायर तत्कालीन समय में बड़ी सामाजिक प्रतिष्ठा रखती थी और उसके शव की गर्दन पर दरांती रखी हुई थी. पोलिंस्की और उनकी टीम को पिएन गांव में जो कंकाल मिला उसके बाएं पैर के अंगूठे पर ताला लगा हुआ था ताकि वो मौत से वापस न लौट सके.

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