अमेरिका का ईरान पर लगातार 11वीं रात हमला, होर्मुज से लाल सागर तक गहराया संकट
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है. अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान पर हमले किए, जबकि होर्मुज और लाल सागर में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को नई चुनौती दे दी है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के लगातार 11वीं रात ईरान के विभिन्न ठिकानों पर हमले किए. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ताजा हमलों के लक्ष्यों का खुलासा नहीं किया, लेकिन इससे पहले उसने ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, समुद्री क्षमता तथा वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाने की पुष्टि की थी.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी. उन्होंने कहा कि जब तक ईरान गंभीरता से बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तब तक अमेरिका की वार्ता में कोई रुचि नहीं है.
परमाणु ठिकानों के पास हमले की चेतावनी
ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान के प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों के आसपास मौजूद संवेदनशील इलाकों को भी निशाना बना सकती है. इसके जवाब में ईरान ने साफ किया कि यदि उसकी परमाणु या अन्य संवेदनशील सुविधाओं पर हमला हुआ तो इसे पूरे क्षेत्र में युद्ध के विस्तार के रूप में देखा जाएगा और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों के हितों पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी. संघर्ष अब केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहा.
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होर्मुज में जहाजों पर हमलों और समुद्री गतिविधियों में बाधा के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है. दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से गुजरते हैं. इधर, यमन के हूथी विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा कर दी है. बाब अल मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को भी चेतावनी दी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नया खतरा पैदा हो गया है.
कई देशों पर भी बढ़ा खतरा
ईरान ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और इराक के आसपास भी हमले तेज कर दिए हैं. जॉर्डन ने कई ड्रोन और मिसाइल मार गिराने का दावा किया, जबकि बहरीन में मिसाइल चेतावनी सायरन बजाए गए. कुवैत में बिजली और समुद्री जल को मीठा बनाने वाले संयंत्रों पर हमलों से नुकसान की खबर है. ओमान के पास एक तेल टैंकर पर हमले के बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा.
इस बीच ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने पाकिस्तान का दौरा कर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. हालांकि दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास और लगातार जारी सैन्य कार्रवाई के कारण कूटनीतिक प्रयास फिलहाल कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं.