'जल्दी नीचे आओ, आग लग गई',ओमान के पास तेल टैंकर 'सेट्टेबेलो' पर अमेरिकी हमले के बाद का वीडिया आया सामने
ओमान के पास तेल टैंकर 'सेट्टेबेलो' पर अमेरिकी सैन्य हमले में दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई और एक लापता है. अब इस घटना का वीडियो सामने आया है. इस वायरल वीडियो में जहाज पर मची चीख-पुकार और अफरा-तफरी को साफ देखा जा सकता है.
नई दिल्ली: ओमान के तट के पास एक सैन्य कार्रवाई के दौरान तेल के टैंकर 'सेट्टेबेलो' पर हुए हमले का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है. इस वायरल वीडियो में जहाज पर मची चीख-पुकार और अफरा-तफरी को साफ देखा जा सकता है. वीडियो में दिख रहा है कि जहाज के कुछ हिस्सों में आग फैल रही है और डर के मारे क्रू मेंबर्स जान बचाने के लिए डेक पर इधर-उधर भाग रहे हैं. बैकग्राउंड में 'जल्दी नीचे आओ, आग लगी है' जैसी घबराहट भरी आवाजें सुनी जा सकती हैं जो उस वक्त नाविकों के बीच बने खौफनाक माहौल को बयां कर रही हैं.
दो भारतीय नाविकों की मौत, एक लापता
खबरों के मुताबिक इस भीषण हमले में दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई है जबकि एक सदस्य अभी भी लापता है. हमले के समय इस टैंकर पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. राहत की बात यह रही कि इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है लेकिन लापता इंजीनियर को ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. 'फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया' ने बताया कि जान गंवाने वाले नाविकों में डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया शामिल हैं. वहीं चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है और अधिकारी लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं.
यहां देखें वीडियो
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भारत सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति
भारत सरकार ने इस कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस इलाके में ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं क्योंकि इनसे आम नागरिकों की जान और वैश्विक व्यापारिक रास्तों को बड़ा खतरा पहुंचता है. भारत ने इस मामले को लेकर नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है और उनसे इस पूरी कार्रवाई पर सफाई मांगी है.
वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने बयान जारी कर कहा है कि उनके बलों ने इस क्षेत्र में चल रहे एक ऑपरेशन के तहत जहाज पर सटीक निशाना साधा था. अमेरिका का दावा है कि इस जहाज पर कथित तौर पर ईरानी तेल ले जाया जा रहा था और इसने नौसैनिक बलों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया था. इस घटना ने ओमान की खाड़ी में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं जो दुनिया भर में तेल और व्यापार के परिवहन के लिए एक मुख्य रास्ता है.