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बंकर बस्टर बम से तबाह हो गया ईरान का यूरेनियम? इस्फाहान में अमेरिकी हमले से कांपी धरती, आसमान में दिखा आग का गोला; देखें वीडियो

अमेरिका और ईरान के बीच जंग तेज होती जा रही है. इसी क्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रमुख शहर इस्फाहान पर हमला बोल दिया है. इस हमले का वीडियो खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ने साझा किया है.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान की लड़ाई बढ़ती ही जा रही है. अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान के प्रमुख शहरों में शामिल ईस्फाहान में हमला कर दिया. इस हमले का वीडियो खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा की. सामने आ रहे  रिपोर्ट के मुताबिक इस्फाहान में एक के बाद एक धमाके की आवाज सुनाई दी. 

ट्रंप द्वारा शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि रात के अंधेरे में आसमान में आग की लपटें नजर आ रही है. इस्फाहान में लगभग 23 लाख लोग रहते हैं और यहां बदर मिलिट्री एयरबेस भी स्थित है. मिल रही जानकारी के मुताबिक यह हमला गोला-बारूद डिपो पर किया गया है. 

इस्फाहान पर फेंका 907 किलो का बंकर बस्टर बम

मिडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि इस हमले में अमेरिका ने लगभग 2 हजार पाउंड यानी 907 किलोग्राम के बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया है. यह बम ना केवल जमीन बल्कि काफी गहराई तक चीजों को डैमेज कर सकता है. शहर के लोगों का कहना है कि धमाके के बाद पूरे इलाके में कंपन महसूस हुए और आसमान में आग की लपटें नजर आईं. मिडिल ईस्ट का जंग अपने दूसरे महीने में आ चुका है.

अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बनाने के लिए हमले तेज कर दिए गए हैं. सूत्रों का कहना है कि इस शहर से ईरान की परमाणु गतिविधियां भी जुड़ी हुई है. इस हमले से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगल जल्द युद्ध खत्म नहीं किया गया तो हमले और भी तेज हो जाएंगे. इस बयान के ठीक बाद अब हमले तेज हो चुके हैं. 

यूरेनियम को बर्बाद करने की कोशिश?

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि युद्ध खत्म ना करने पर वह ईरान के ऊर्जा संसाधनों, बिजली संयंत्रों और तेल कुओं को पूरी तरह बर्बाद कर देगा. वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बार-बार यही कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब पहुंच चुका है. विश्लेषकों का कहना है कि इस्फाहान ईरान के मिसाइल और रक्षा उद्योग का एक महत्वपूर्ण केंद्र है.

रिपोर्ट में कहा जा रहा था कि पिछले साल गर्मियों में 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के बाद ईरान ने अपने बचे हुए  लगभग 540 किलोग्राम यूरेनियम को इस्फाहान में अंडर ग्राउंड ठिकानों पर रखा था. ऐसे में इस इलाके में हमला ईरान की सैन्य क्षमता पर कड़ा प्रहार माना जा सकता है.