अमेरिका ने अटलांटिक महासागर में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह टैंकर वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधित तेल कारोबार में शामिल था. इस ऑपरेशन का नेतृत्व अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग कर रहा है, जबकि अमेरिकी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने इसमें अहम भूमिका निभाई.
जब्त किया गया जहाज पहले Bella 1 नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में बदलकर Marinera कर दिया गया. यह टैंकर पिछले महीने वेनेजुएला के पास अमेरिकी कोस्ट गार्ड की नजर में आया था. अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज प्रतिबंधों से बचने के लिए नाम और झंडा बदलकर तेल की तस्करी कर रहा था.
U.S. forces seized the Russian-flagged oil tanker Bella 1/Marinera in the North Atlantic today, after chasing it from the Caribbean.
Seen here, a MH-6M Little Bird prepares to insert a boarding team on the ship. pic.twitter.com/9NwMLMUpOt— OSINTtechnical (@Osinttechnical) January 7, 2026Also Read
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका पहले ही वेनेजुएला के तेल निर्यात पर सख्त रोक लगाए हुए है. रूस, जो वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का समर्थक रहा है, ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है. रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्र में रूसी जहाज पर अमेरिकी और नाटो सेनाओं की निगरानी जरूरत से ज्यादा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि वेनेजुएला अमेरिका को करोड़ों बैरल तेल देगा. वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार ट्रंप की रणनीति का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं. इसी वजह से यह मामला सिर्फ एक जहाज तक सीमित नहीं, बल्कि तेल, राजनीति और वैश्विक ताकतों की टक्कर बन गया है.
जानकारी के मुताबिक, वेनेजुएला के पास काम कर रहे कम से कम तीन अन्य तेल टैंकरों ने भी हाल ही में अपना झंडा बदलकर रूस का कर लिया है. अमेरिका का मानना है कि यह सभी जहाज प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहे हैं.
अमेरिकी साउदर्न कमांड ने साफ किया है कि वह प्रतिबंधित जहाजों पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना से अमेरिका-रूस रिश्तों में और तल्खी आ सकती है और वैश्विक तेल बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है.