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आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर पर सभी की नजर, 2.86 से ज्यादा हुआ तो लग जाएगी सरकारी कर्मचारियों की लॉटरी

आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कितनी बढ़ेगी आपसी सैलरी, यहां समझ लीजिए पूरा गणित आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर पर सभी की नजर, 2.86 से ज्यादा हुआ तो लग जाएगी सरकारी कर्मचारियों की लॉटरी

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर पर सभी की नजर, 2.86 से ज्यादा हुआ तो लग जाएगी सरकारी कर्मचारियों की लॉटरी
Courtesy: pinterest

केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी. चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को इसका चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है. वहीं आयोग को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में भले ही 18 महीने लगें लेकिन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसकी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि उन्हें 1 जनवरी 2026 से एरियर मिल सकता है लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी?

जब भी सैलरी बढ़ने की बात आती है तो सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर की होती है. अक्सर माना जाता है कि जितना ज्यादा फिटमेंट फेक्टर उतनी अधिक सैलरी लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है क्योंकि इसमें अहम रोल डीए यानी महंगाई भत्ते के मर्जर का होता है.

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर

यह एक मल्टीप्लायर है जिससे नई बेसिक सैलरी तय होती है. जब नया वेतन आयोग लागू होता है तब तक कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिल रहा होता है जो हर छह महीने में बढ़ता है. कई बार नया आयोग लागू होने तक डीए 100% या उससे ज्यादा तक पहुंच जाता है. ऐसे में पहले मौजूदा बेसिक पे में जमा हुआ डीए जोड़ा जाता है और उसके बाद फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है.

उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 7,000 रुपए है और उसका डीए करीब 125% है. दोनों को जोड़ने पर कुल सैलरी 15,750 हो गई. अब अगर 2.57  फिटमेंट फैक्टर रखा जाए तो नई बेसिक सैलरी 18000 रुपए बनी. यानी असली बढ़ोत्तरी सिर्फ 2,250 रुपए हुई जो कि 14.3% थी. यानी 157% जैसी दिखने वाली बढ़ोतरी असल में करीब 14% ही निकली. 

यानी पुराने रिकॉर्ड्स को देखें तो असली बढ़ोतरी 14 से 31 प्रतिशत के बीच ही हो रही है. छठे वेतन आयोग में जरूर 54% की बढ़ोतरी हुई थी लेकिन सातवें वेतन आयोग में बढ़ोतरी सीमित रही. यही कारण है कि आठवें वेतन आयोग में 150% की बढ़ोतरी व्यावहारिक नहीं लग रही.

बता दें कि फिटमेंट फैक्टर सिर्फ बेसिक सैलरी पर ही लागू होता है. अंतिम इन-हैंड सैलरी में HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्ते भी शामिल होते हैं. हां अगर सरकार 2.86 जैसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है तो यह वृद्धि जबरजस्त हो सकती है. खैर अभी लोगों को आधिकारिक घोषणा के लिए लंबा इंतजार करना होगा.