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India Daily

अमेरिका और चीन का टैरिफ वार खत्म, दोनों देशों ने एक दूसरे के खोल दी व्यापार के दरवाजे

अमेरिका और चीन के बीच हुई नई डील में अमेरिका चीनी सामानों पर टैरिफ को 145% से घटाकर 30% कर देगा, जबकि चीन अमेरिकी आयातों पर टैरिफ को 125% से घटाकर 10% कर देगा.

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Edited By: Mayank Tiwari
अमेरिका और चीन का टैरिफ वार खत्म, दोनों देशों ने एक दूसरे के खोल दी व्यापार के दरवाजे
Courtesy: Social Media

विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन, ने सोमवार को एक अहम समझौते की घोषणा की. दोनों देशों ने 90 दिनों के लिए एक-दूसरे के सामानों पर लगाए गए टैरिफ को कम करने पर सहमति जताई है. यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध को शांत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह समझौता स्विट्जरलैंड के जेनेवा में सप्ताहांत के दौरान चली मैराथन व्यापार वार्ताओं के बाद हुआ. यह वार्ता वाशिंगटन और बीजिंग के बीच इस साल की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी आयात पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद पहली उच्च-स्तरीय चर्चा थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई डील के तहत अमेरिका चीनी सामानों पर टैरिफ को 145% से घटाकर 30% करेगा, जबकि चीन अमेरिकी आयात पर अपने टैरिफ को 125% से 10% तक कम करेगा. इस कदम से वैश्विक वित्तीय बाजारों में स्थिरता लाने और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंदी की आशंकाओं को कम करने की उम्मीद है. दोनों देशों ने व्यापार तनाव को कम करने के लिए यह रणनीतिक निर्णय लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का कारण बना था.

कोई भी पक्ष अलगाव नहीं चाहता

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा जारी रखने के लिए एक तंत्र स्थापित करने पर भी सहमति जताई है. इस तंत्र का नेतृत्व चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग, अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेन्ट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर करेंगे. जेनेवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेसेन्ट ने कहा, "हमने निष्कर्ष निकाला कि हमारा साझा हित है.दोनों पक्षों की सहमति है कि कोई भी पक्ष अलगाव नहीं चाहता."

टैरिफ में यह कटौती दोनों देशों के बीच बढ़ते कारोबार तनाव की स्थिति से एक महत्वपूर्ण कदम पीछे हटने का संकेत है, जिसने पिछले हफ्तों में वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया था. साथ ही अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंदी की आशंकाओं को जन्म दिया था.