नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक'होर्मुज जलडमरूमध्य'को लेकर ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है. ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि दुनिया की बड़ी ताकतें और उनके पुराने सहयोगी ईरान के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चे में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे. लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट निकली.
खास तौर पर ट्रंप ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से अपील की थी. उन्होंने इन देशों से आग्रह किया था कि वे इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद के लिए अपने नौसैनिक जहाज तैनात करें.
होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद जरूरी मार्ग माना जाता है, जिसके जरिए दुनिया के एक बड़े हिस्से तक तेल और गैस पहुंचाई जाती है. ट्रंप का तर्क था कि चूंकि इन देशों के तेल और व्यापारिक जहाज इसी मार्ग से गुजरते हैं, इसलिए इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सही मायनों में उन्हीं की होनी चाहिए.
ट्रंप ने ट्वीट किया, 'दुनिया के दूसरे देश अपने जहाजों की सुरक्षा खुद क्यों नहीं कर रहे हैं? हम तो सालों से उनकी सुरक्षा करते आ रहे हैं.' सबसे बड़ा झटका टोक्यो से लगा. जापानी सरकार ने साफ तौर पर कह दिया है कि वह फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह के समुद्री सुरक्षा अभियान में हिस्सा लेने पर विचार नहीं कर रही है.
जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि हालांकि उन्हें अमेरिका से अभी तक कोई आधिकारिक अनुरोध नहीं मिला है लेकिन मौजूदा हालात में अपनी नौसेना तैनात करना बिल्कुल भी मुमकिन नहीं है. यह देखते हुए कि जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईरान और खाड़ी देशों पर बहुत ज्यादा निर्भर है, वह सिर्फ अमेरिका का साथ देने के लिए ईरान के साथ सीधे टकराव का जोखिम उठाने के मूड में बिल्कुल नहीं है.
ऑस्ट्रेलिया जिसे प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का सबसे पक्का सहयोगी माना जाता है. उसने भी ट्रंप की मांग को ठुकरा दिया है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने साफ कर दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में अपना युद्धपोत तैनात नहीं करेगी.
इस बीच दक्षिण कोरिया ने कुछ हद तक कूटनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया लेकिन अपने इरादे साफ कर दिए. सियोल ने कहा कि वह इस अनुरोध की गहन समीक्षा करेगा, लेकिन फिलहाल उसका कोई युद्धपोत भेजने का कोई इरादा नहीं है.