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Israel Qatar attacks: 'नेतन्याहू का स्वतंत्र फैसला...,' ट्रंप ने कतर में इजरायली हमलों से किया किनारा

इजरायल द्वारा कतर पर किए हमले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह कतर को वाशिंगटन के एक मजबूत सहयोगी के रूप में देखते हैं और हमले के स्थान को लेकर बहुत दुखी हैं. "हालांकि, हमास को खत्म करना एक टारगेट है, जिसने गाजा में रहने वालों के दुखों से लाभ उठाया है."

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Mayank Tiwari

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल द्वारा कतर में हमास नेतृत्व पर किए गए हमले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ किया कि यह हमला इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का स्वतंत्र फैसला था, जिसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी.  ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "कतर, जो एक संप्रभु राष्ट्र और अमेरिका का करीबी सहयोगी है, वहां एकतरफा बमबारी करना, जो शांति स्थापना के लिए हमारे साथ जोखिम उठा रहा है, न तो इजरायल के हित में है और न ही अमेरिका के लक्ष्यों को बढ़ावा देता है."

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, "हालांकि, हमास को खत्म करना, जो गाजा में रहने वालों की दुखद स्थिति से लाभ उठा रहा है, एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है." ट्रंप ने कतर को वॉशिंगटन का मजबूत सहयोगी बताते हुए हमले के स्थान को लेकर गहरी नाराजगी जताई.

 व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान 

व्हाइट हाउस ने भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ की. प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, "राष्ट्रपति कतर को अमेरिका का मजबूत सहयोगी और मित्र मानते हैं और इस हमले के स्थान को लेकर बहुत दुखी हैं." यह बयान इजरायल द्वारा कतर में हमास के खिलाफ किए गए हमलों के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें अमेरिका ने असहमति जताई.

 कतर में इजरायली हमले 

मंगलवार (9 सितंबर) को कतर की राजधानी दोहा में कई विस्फोट हुए, जब इजरायल ने हमास के वरिष्ठ नेताओं पर अभूतपूर्व हमले किए. फलस्तीनी उग्रवादी समूह ने दावा किया कि हमले में छह लोग मारे गए, जिनमें उनके शीर्ष वार्ताकार का बेटा भी शामिल है, लेकिन उनके वरिष्ठ नेता बच गए. कतर ने कहा कि इस हमले में उनका एक सुरक्षा अधिकारी भी मारा गया. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि यह ईरान समर्थित समूह के खिलाफ "पूरी तरह से स्वतंत्र इजरायली ऑपरेशन" था.

 हमले पर कतर ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

कतर ने हमास के राजनीतिक मुख्यालय पर इस हमले की कड़ी निंदा की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने इसे "अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का खुला उल्लंघन" बताया. कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम मानते हैं कि आज हम एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं. इस तरह के बर्बर कृत्यों के खिलाफ पूरे क्षेत्र को जवाब देना चाहिए." उन्होंने इजरायल के हमले के जवाब में कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात भी कही.