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‘शी जिनपिंग, पुतिन-किम अमेरिका के खिलाफ कर रहे साजिश’, ट्रंप को रास नहीं आई चीन की विक्ट्री परेड पर तीनों की मौजूदगी

बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग पर आरोप लगाया कि वे रूस और उत्तर कोरिया के नेताओं के साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. उनकी यह प्रतिक्रिया टैरिफ, तकनीक और अन्य मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच चल रहे तनाव को भी लेकर माना जा रहा है. इसको लेकर ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

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Trump Xi Jinping Allegations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग में आयोजित भव्य सैन्य परेड के मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर सीधा हमला बोला. उनकी यह प्रतिक्रिया टैरिफ, तकनीक और अन्य मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच चल रहे तनाव को भी लेकर माना जा रहा है क्योंकि ट्रंप का टैरिफ विवाद पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है.

यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित की गई. इसमें वियतनाम, मलेशिया, पाकिस्तान, बेलारूस, ईरान, सर्बिया और स्लोवाकिया सहित दर्जनों देशों के नेता मौजूद रहे लेकिन ट्रंप ने आरोप लगाया कि शी जिनपिंग रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. 

गर्मजोशी भरा अभिवादन 

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'पुतिन और किम जोंग उन को मेरा गर्मजोशी भरा अभिवादन दीजिए, जब आप अमेरिका के खिलाफ साजिश कर रहे हों.' उन्होंने आगे सवाल उठाया कि क्या शी जिनपिंग अपने भाषण में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन को अमेरिका से मिली मदद का जिक्र करेंगे. ट्रंप ने कहा, 'चीन की जीत और गौरव की लड़ाई में कई अमेरिकी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई.'

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अमेरिका और चीन के बीच तनाव

हालांकि शी जिनपिंग ने अपने भाषण में अमेरिका का नाम नहीं लिया, बल्कि केवल उन देशों का सामूहिक रूप से धन्यवाद किया जिन्होंने चीन की मदद की थी. चीन के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. विश्लेषकों का मानना है कि शी जिनपिंग इस सैन्य प्रदर्शन और हाल ही में हुए शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के जरिए वैश्विक मंच पर चीन की ताकत दिखाना चाहते हैं. खासकर एशिया में जहां अमेरिका और चीन के बीच ताइवान को लेकर तनाव है, वहां चीन अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है.

ट्रंप का चीन को लेकर बयान

ट्रंप ने हालांकि यह भी कहा कि चीन की परेड अमेरिका की शक्ति के लिए कोई चुनौती नहीं है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'चीन को हमारी जरूरत ज्यादा है, हमें उनकी कम.' ट्रंप ने यह भरोसा भी जताया कि चीन भविष्य में अपने सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ नहीं करेगा. उन्होंने कहा, 'हमारे पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है. चीन कभी भी इसे चुनौती देने की गलती नहीं करेगा.' रूस और पुतिन के साथ ट्रंप के रिश्तों पर भी सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे पुतिन पर करीब से नजर रख रहे हैं और देखना चाहते हैं कि क्या रूस यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बैठक करने के लिए आगे बढ़ता है. ट्रंप ने कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ तो हम अलग रुख अपनाएंगे.