आप से बीजेपी में शामिल हुए संदीप पाठक को गिरफ्तार करने पहुंची पंजाब पुलिस, चकमा देकर पीछे के दरवाजे से भाग गए राज्यसभा सांसद, देखें वीडियो
पाठक उन सात राज्यसभा सांसदों में शामिल थे जो हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे.
हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पंजाब में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हुई हैं. पाठक उन सात राज्यसभा सांसदों में शामिल थे जो आम आदमी पार्टी को छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे. अन्य सांसदों में राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल शामिल हैं.
स्वाति मालिवाल को छोड़कर सभी सांसद पंजाब से हैं. इन सांसदों के पार्टी छोड़ने से राज्यसभा में आप के सांसदों की संख्या सिमटकर तीन रह गई हैं जो कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
पाठक पर क्यों हुई एफआईआर
पाठक पर एफआईआर की वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है लेकिन उन पर गैर जमानती धाराओं के तहत एफआईआर हुई है.
पंजाब पुलिस को चकमा देकर भागे संदीप पाठक
एफआईआर होने के बाद जैसे ही पंजाब पुलिस सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित उनके आवास पर गिरफ्तार करने पहुंची, वह पुलिस को चकमा देकर आवास के पिछले दरवाजे से अपनी कार में बैठकर निकल गए. माना जा रहा है कि संदीप पाठक पर जो एफआईआर दर्ज हुई हैं उनमें से एक मामला आप के छोड़ने के तुरंत बाद का है और एक मामला करीब 25 साल पुराना बताया जा रहा है.
बीजेपी ने बताया बदले की राजनीति के आरोप
संदीप पाठक पर हुई एफआईआर को बीजेपी ने बदले की राजनीति करार दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाल ने आरोप लगाया कि आप के नेता पार्टी से असंतुष्ट होने वाले नेताओं को निशाना बना रहे हैं और अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए राज्य की मशीनरी का उपयोग कर रहे हैं.
पूनावाला ने आगे कहा कि अगर उन पर पहले से ही किसी तरह के मामले थे तो पहले एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई. अगर वह दागी थे तो उन्हें इतने लंबे समय तक पार्टी में क्यों रखा गया यही नहीं वह संगठन के महासचिव की भूमिका में थे. क्या पिछले कुछ दिनों में नई जानकारी हाथ लगी है या कथित भष्टाचार की घटना अभी-अभी घटी है?