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India Daily

अमेरिकी पुलिस ने लॉस एंजिल्स विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार को मारी रबर बुलेट, वीडियो वायरल

टोमासी रिपोर्टिंग कर रही थीं, तभी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए रबर बुलेट्स का इस्तेमाल शुरू किया. तभी एक बुलेट उनके पैर में आकर लगी, जिसके बाद टोमासी दर्द से चीख उठीं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
अमेरिकी पुलिस ने लॉस एंजिल्स विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार को मारी रबर बुलेट, वीडियो वायरल

लॉस एंजिल्स में सप्ताहांत के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों को कवर करते समय नाइन न्यूज़ की अमेरिकी संवाददाता, ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार लॉरेन टोमासी को लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD) की रबर बुलेट लगी. यह घटना उस समय हुई जब टोमासी डाउनटाउन लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर के बाहर से रिपोर्टिंग कर रही थीं.

विरोध प्रदर्शन के बीच हिंसक हस्तक्षेप
ऑनलाइन सामने आए एक वीडियो में दिखाया गया है कि टोमासी रिपोर्टिंग कर रही थीं, तभी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए रबर बुलेट्स का इस्तेमाल शुरू किया. टोमासी ने लाइव प्रसारण के दौरान कहा, “घंटों की तनातनी के बाद, स्थिति अब तेजी से बिगड़ रही है. एलएपीडी घुड़सवार पुलिस के साथ आगे बढ़ रही है, प्रदर्शनकारियों पर रबर बुलेट्स दाग रही है और उन्हें लॉस एंजिल्स के केंद्र से हटा रही है.” 

कुछ ही पलों बाद, टोमासी को रबर बुलेट लगी, जिसके बाद वह दर्द से चीख उठीं. वीडियो में उन्हें अपनी टांग पकड़ते हुए देखा जा सकता है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने चिल्लाकर कहा, “आपने अभी पत्रकार को गोली मारी!” जब एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने टोमासी से पूछा कि क्या वह ठीक हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं ठीक हूं.”

रिपोर्टर, कैमरामैन दोनों सुरक्षित
चैनल नाइन ने एक बयान जारी कर बताया कि लॉरेन टोमासी और उनके कैमरा ऑपरेटर सुरक्षित हैं. बयान में कहा गया, “लॉरेन टोमासी को रबर बुलेट लगी थी. लॉरेन और उनके कैमरा ऑपरेटर सुरक्षित हैं और वे इन घटनाओं को कवर करने का अपना महत्वपूर्ण कार्य जारी रखेंगे.” नेटवर्क ने इस घटना को “पत्रकारों के लिए विरोध प्रदर्शनों की पहली पंक्ति से रिपोर्टिंग के दौरान आने वाले खतरों की कठोर याद” बताया.

लॉस एंजिल्स में तनाव और नेशनल गार्ड की तैनाती
लॉस एंजिल्स में हाल के आप्रवासन छापों के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शहर में 2,000 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया, जो 60 दिनों तक या रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अगले निर्णय तक रहेगा. 

प्रदर्शन उस समय भड़क उठे जब यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) ने लॉस एंजिल्स में बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसमें दर्जनों अनियंत्रित आप्रवासियों को हिरासत में लिया गया. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया. शनिवार को और गिरफ्तारियों की पुष्टि नहीं हुई है. 

स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसोम ने ट्रम्प के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे “जानबूझकर उत्तेजक” बताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, “ट्रम्प नेशनल गार्ड की तैनाती इसलिए नहीं कर रहे क्योंकि कानून प्रवर्तन की कमी है, बल्कि इसलिए कि वे एक तमाशा चाहते हैं... हिंसा का उपयोग कभी न करें. शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखें.” लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने भी छापेमारी की निंदा की और इसे “आतंक फैलाने की रणनीति” करार दिया. 

विरोध प्रदर्शन में बढ़ता तनाव
प्रदर्शनों के कई वीडियो में संघीय एजेंटों को सैन्य शैली के गियर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करते देखा गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की सूचना दी, हालांकि अधिकारियों ने आधिकारिक गिरफ्तारी आंकड़े जारी नहीं किए हैं.